केंद्र सरकार ने थल सेना अध्यक्ष को एक विशेष अधिकार प्रदान कर दिया है। इसके तहत अब वे आवश्यकता पड़ने पर टेरिटोरियल आर्मी के सभी जवानों और अधिकारियों को देश की सुरक्षा तथा आवश्यक कार्यों के लिए बुला सकेंगे। टेरिटोरियल आर्मी के जवान और अधिकारी भारत की नियमित सेना को सहायता और पूरकता प्रदान करने के लिए कभी भी बुलाये जा सकते हैं।
सेना प्रमुख को ये अधिकार टेरिटोरियल आर्मी नियम 1948 के तहत दिये गए हैं। रक्षा मंत्रालय ने एक अधिसूचना में इसकी जानकारी दी है। यह आदेश नौ फरवरी 2028 तक तीन वर्ष के लिए लागू रहेगा।
टेरिटोरियल आर्मी की मौजूदा 32 इन्फैंट्री बटालियनों में से 14 इन्फैंट्री बटालियनों को दक्षिणी कमान, पूर्वी कमान, पश्चिमी कमान, मध्य कमान, उत्तरी कमान, दक्षिण पश्चिमी कमान, अंडमान और निकोबार कमान तथा सेना प्रशिक्षण कमान के क्षेत्रों में शामिल किया गया है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में तीन समर्पित रासायनिक…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने कर्नाटक…
भारत और इज़राइल ने प्रस्तावित भारत-इज़राइल मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए वार्ता का दूसरा…
मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान, गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में आज मूसलाधार बारिश का रेड…
सर्वोच्च न्यायालय ने आज केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को नीट-यूजी पेपर लीक मामले…
भारत ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में कथित दमन के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया…