नासा के अंतरिक्ष यात्री ऐनी मैकक्लेन और निकोल एयर्स, जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) के अंतरिक्ष यात्री ताकुया ओनिशी तथा रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री किरिल पेसकोव स्पेसएक्स ड्रेगन अंतरिक्ष यान से भारतीय समयानुसार आज सुबह ग्यारह बजकर पांच मिनट पर अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष केन्द्र पर उतरे।
अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष केन्द्र पर नासा की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनिता विलियम्स, निक हॉग, डॉन पेटिट और बुच विल्मोर तथा रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गॉरबुनोव, अलेक्सी ओवचिनिन और ईवान वेगनर ने उनका स्वागत किया।
शुक्रवार को टेक्सास से लॉन्च किया गया स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान भारतीय समयानुसार सुबह नौ बजकर 35 मिनट पर अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुँचा।
इस मिशन से नासा के दो अंतरिक्ष यात्री, सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की पृथ्वी वापसी अब एक कदम दूर है और वे जल्द ही घर वापसी की यात्रा शुरू करेंगे। ये अंतरिक्ष यात्री नौ महीने से कक्षा में फंसे हुए हैं।
विल्मोर और विलियम्स ने बोइंग की पहली अंतरिक्ष यात्री उड़ान पर सवार होकर एक सप्ताह के मिशन की योजना बनाई थी। हालाँकि, बोइंग स्टारलाइनर कैप्सूल में कई समस्याओं का सामना करने के बाद, नासा ने फैसला किया कि कैप्सूल को खाली वापस लौटना चाहिए, जिससे परीक्षण पायलटों को वापसी के लिए स्पेसएक्स क्रू-10 मिशन का इंतज़ार करना पड़ा।
मौसम अनुकूल रहा तो विल्मोर, विलियम्स और दो अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाने वाला बोइंग का स्पेस-एक्स कैप्सूल बुधवार के बाद अंतरिक्ष स्टेशन से अलग हो जाएगा और फ्लोरिडा के तट पर उतरेगा।
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