बोत्सवाना आज प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत भारत में चीतों को स्थानांतरित करने के लिए सौंपेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उनकी बोत्सवाना समकक्ष डूमा बोको के बीच कल द्विपक्षीय वार्ता के अंत में संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान इसकी घोषणा की गई।
भारत और बोत्सवाना के राष्ट्रपति पकड़े गए चीतों को गाबोरोन के पास एक क्वॉरेंटाइन केंद्र में छोड़े जाने के साक्षी बनेंगे। यह आयोजन बोत्सवाना द्वारा भारत को चीतों का दान का साक्षी बनेगा यह हस्तांतरण दोनों देशों के बीच वन्य जीव संरक्षण में द्विपक्षीय सहयोग के लिए एक नए अध्यक्ष की शुरुआत का प्रतीक है चीते भारत भेजे जाने से पहले कुछ समय तक वैलेंटाइन केंद्र में रहेंगे बोत्सवाना भारत को आठ चीते दान करेगा राष्ट्रपति डूमा बोको ने कहा था कि यह समझौता सजा पर्यावरणीय लक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने की भावना को प्रदर्शित करता है। बोत्सवाना को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा था कि भारत सीटों की अच्छी देखभाल करेगा।
प्रोजेक्ट चीता एक अनूठी पहल है जिसका उद्देश्य दशकों बाद चीतों को भारत में फिर से लाना है। आज राष्ट्रपति मुर्मु अपनी यात्रा के समापन से पहले बोत्सवाना में भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत भी करेंगी।
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