केन्द्र सरकार ने 28 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश की विधानमंडलों तथा संबंधित राज्य सरकारों, जिनमें पंजाब भी शामिल है, के साथ राष्ट्रीय ई-विधान अनुप्रयोग (एनईवीए) के कार्न्यान्वयन के लिए त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्तक्षर किए हैं। नेवा एक डिजिटल प्लेटफार्म प्रदान करके सदन को कागज रहित बनाने में सक्षम बनाता है, जिसके माध्यम से विधायी कार्यों जैसे कार्यसूची, प्रश्न और उत्तर, नोटिस, विधेयक, बहस और कार्यवाही का प्रबंधन किया जा सकता है और उन तक पहुंचा जा सकता है।
पंजाब विधानसभा ने 21 सितंबर, 2023 को नेवा (एनईवीए) प्लेटफॉर्म को अपनाकर स्वयं को पहले ही पूरी तरह से डिजिटल सदन में प्रवर्तित कर लिया है।
केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने यह जानकारी आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।





