सर्वोच्च न्यायालय ने आज कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम के पराली जलाने पर सजा संबंधी प्रावधान का पालन नहीं किया जा रहा है। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि यह अधिनियम, कानून के पालन के लिए अपेक्षित तंत्र बनाये बिना लागू किया गया।
केन्द्र की ओर से अपर महाधिवक्ता ऐश्वर्य भाटी ने न्यायालय को आश्वस्त किया कि दस दिन के अंदर नियम तय कर लिये जाएंगे और अधिनियम को पूरी तरह प्रभावी किया जाएगा। सर्वोच्च न्यायालय ने पराली जलाने पर पंजाब और हरियाणा सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने पर भी कडी अपत्ति की। न्यायालय ने कहा कि यदि ये सरकारें कानून लागू करने के प्रति गंभीर होती तो इसके परिणाम सामने आते। अपर महाधिवक्ता ने बताया कि पंजाब और हरियाणा के पर्यावरण सचिव और अपर मुख्य सचिव को कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं।
सर्वोच्च न्यायालय ने पंजाब के मुख्य सचिव को कहा कि नियमों के उल्लंघन पर लगभग एक हजार अस्सी प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं लेकिन राज्य ने केवल चार सौ 73 लोगों से मामूली जुर्माना वसूला है।
राष्ट्रीय राजमार्ग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए भावी पेशेवरों को तैयार करने हेतु, एनएचएआई ने…
बांग्लादेश आज 56वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 26 मार्च, 1971 को आज के ही…
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान ने भारत, चीन…
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि पश्चिम एशिया संघर्ष का सबसे…
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोलियम और एलपीजी…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। सुबह लगभग 11:30…