कोयला मंत्रालय ने सितंबर 2024 के महीने में कोयला उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है, जो 68.94 मिलियन टन (एमटी) तक पहुँच गया है। यह आंकड़ा पिछले साल के इसी महीने के उत्पादन 67.26 एमटी से अधिक है व 2.49% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, कुल कोयला उत्पादन (सितंबर 2024 तक) वित्त वर्ष 24-25 में 453.01 एमटी (अनंतिम) तक पहुँच गया है, जबकि वित्त वर्ष 23-24 में इसी अवधि के दौरान 427.97 एमटी था, जो कि 5.85 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
इसके अलावा, सितंबर 2024 में कोयला डिस्पैच में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जो 4.35% की वृद्धि के साथ वित्त वर्ष 23-24 में इसी अवधि के दौरान 70.31 एमटी की तुलना में 73.37 एमटी तक पहुँच गया। वित्त वर्ष 24-25 में कुल कोयला डिस्पैच (सितंबर 2024 तक) 487.87 एमटी (अनंतिम) रहा, जबकि वित्त वर्ष 23-24 में इसी अवधि के दौरान 462.27 एमटी था, जो 5.54% की वृद्धि दर्शाता है।
इसके अलावा, उठान में वृद्धि से कोयले के स्टॉक की स्थिति में सुधार हुआ है। 29 सितंबर 2024 को डीसीबी में कुल कोयला स्टॉक 29 सितंबर 2023 को 22.15 एमटी की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करते हुए 33.46 एमटी (अनंतिम) तक पहुँच गया है, जो 51.07% की वृद्धि दर्शाता है।
कोयला मंत्रालय देश की बढ़ती ऊर्जा मांगों को पूरा करने के लिए कोयला उत्पादन को बढ़ावा देने और डिस्पैच को अधिकतम स्तर पर लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उत्पादन और डिस्पैच दोनों के उपर की और जाने की प्रवृत्ति ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करती है और कोयला आपूर्ति में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।
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