रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने रक्षा क्षेत्र में बुनियादी ढांचा विकास के लिए आत्म-निर्भरता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि देश इस क्षेत्र में औरों पर निर्भर नहीं रह सकता। आज नई दिल्ली में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन-डीआरडीओ की राष्ट्रीय संगोष्ठी और प्रदर्शनी के उद्धाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आत्म-निर्भरता केवल एक नारा नहीं, बल्कि देश के आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण सूत्र है। आत्म-निर्भरता से बुनियादी ढांचे की पूंजीगत लागत कम होती है। यूक्रेन के लिए अमरीका की देर से मिली सहायता का उदाहरण देते हुए गिरिधर अरमाने ने कहा कि विश्व की भू-राजनीति में कोई भी विश्वसनीय मित्र नहीं होता और देश दूसरों पर निर्भर नहीं सकता। उन्होंने रक्षा क्षेत्र के लिए नवाचारी और उन्नत प्रौद्योगिकी निर्मित उपकरणों की आवश्यकता बताई।
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