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Department of Posts and NSE sign MoU for investment in mutual funds through India Post
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डाक विभाग और NSE ने भारतीय डाक के माध्यम से म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

सरकार के संचार मंत्रालय के डाक विभाग (डीओपी) ने आज भारत के अग्रणी स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य भारतीय डाक के व्यापक डाक नेटवर्क के माध्यम से म्यूचुअल फंड उत्पादों का वितरण को संभव बनाना है।

डाक विभाग, देशभर में फैले अपने 1.64 लाख से अधिक डाकघरों के विशाल नेटवर्क का उपयोग करते हुए, एनएसई के साथ मिलकर काम करेगा। एनएसई के पास म्यूचुअल फंड लेनदेन को संभालने के लिए एक मजबूत ऑनलाइन प्रणाली है। यह प्रणाली ऑर्डर देने से लेकर निपटान तक सभी प्रक्रियाओं को कवर करती है और एसईबी के नियमों का पालन करती है। इस सहयोग का उद्देश्य सभी के लिए म्यूचुअल फंड उत्पादों की पहुंच को, विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में, काफी हद तक बढ़ाना है।

यह रणनीतिक साझेदारी सरकार के वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण के अनुरूप है, इसमें भारतीय डाक के भरोसे, सुलभता और व्यापक पहुंच को राष्ट्रीय शेयर बाजार (एनएसई) के बाजार बुनियादी ढांचे और तकनीकी विशेषज्ञता के साथ जोड़ा गया है। इस पहल से निवेशकों में पूंजी बाजार से जुड़े वित्तीय उत्पादों के प्रति जागरूकता, पारदर्शिता और भागीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

डाक विभाग की महाप्रबंधक (नागरिक केंद्रित सेवाएं और ग्रामीण व्यवसाय) मनीषा बंसल बादल और एनएसई के मुख्य व्यापार विकास अधिकारी श्रीराम कृष्णन ने नई दिल्ली में डाक विभाग और एनएसई के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

इस समझौते के तहत, डाक विभाग के चयनित कर्मचारियों की पहचान की जाएगी, उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा और प्रमाणित म्यूचुअल फंड वितरक के रूप में नियुक्त किया जाएगा। ये अधिकारी एनआईएसएम प्रमाणन और ईयूआईएन पंजीकरण सहित अनिवार्य प्रमाणन और नियामक अनुपालन के अधीन एनएसई के म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म के माध्यम से म्यूचुअल फंड उत्पाद और संबंधित निवेशक सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होंगे। यह समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए वैध रहेगा और आपसी सहमति से नवीनीकरण का प्रावधान भी है।

इस अवसर पर डाक विभाग की महाप्रबंधक (सीसीएस और आरबी) सुश्री मनीषा बंसल बादल ने कहा, “डाक विभाग ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एनएसई के साथ यह साझेदारी भारतीय डाक को अपने ग्राहकों को आधुनिक निवेश समाधान प्रदान करने में सक्षम बनाएगी, साथ ही निवेशक संरक्षण, पारदर्शिता और नियामक अनुपालन के उच्चतम मानकों को बनाए रखेगी।”

एनएसई के मुख्य व्यापार विकास अधिकारी श्री श्रीराम कृष्णन ने कहा, “डाक विभाग के साथ यह सहयोग पूंजी बाजार से जुड़े वित्तीय उत्पादों तक पहुंच बढ़ाने के एनएसई के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारतीय डाक बड़े पैमाने पर विस्तारित नेटवर्क और एनएसई के डिजिटल म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म का लाभ उठाते हुए, हमारा लक्ष्य एक पारदर्शी, अनुपालनशील और निवेशक-अनुकूल वितरण प्रणाली बनाना है जो देश के कोने-कोने में नागरिकों तक पहुंचे।”

इस पहल से टियर-2, टियर-3 और ग्रामीण क्षेत्रों में म्यूचुअल फंड की पहुंच बढ़ाने, निवेशकों का विश्वास मजबूत करने और भारत को वित्तीय रूप से सशक्त समाज की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।

10 फरवरी 2026 को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन तीन वर्ष की अवधि के लिए वैध रहेगा और आपसी सहमति से इसका नवीनीकरण किया जा सकता है। यह सहयोग चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसकी शुरुआत चुनिंदा स्थानों को शामिल करते हुए एक पायलट परियोजना से होगी।

यह पहल सरकार के देश भर में वित्तीय साक्षरता, निवेशक संरक्षण और वित्तीय सेवाओं तक समावेशी पहुंच को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों के अनुरूप है।

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