विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा है कि भारत ने मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए सदैव सक्रिय भूमिका निभाई है। डॉक्टर जयशंकर ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 58वें सत्र को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत का दृष्टिकोण अपने भागीदारों की प्राथमिकताओं के अनुरूप क्षमता निर्माण और मानव संसाधनों तथा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद से निपटने में दृढ़ और समझौता न करने वाला देश है। विदेशमंत्री ने कहा कि समकालीन वैश्विक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने वाली बहुपक्षीय प्रणाली की स्पष्ट और तत्काल आवश्यकता है।
अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के नए टैरिफ की धमकी के जवाब में कनाडा के…
अमरीका में भीषण बर्फीले तूफान के कारण हजारों उडानें रद्द कर दी गई हैं। अधिकारियों…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज नई दिल्ली में आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में बैठक कर महाराष्ट्र में…
हिंद महासागर नौसैनिक संगोष्ठी (आईओएनएस) के सदस्य देश इंडोनेशिया के साथ समुद्री सहयोग को बढ़ावा…
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने आईसीएमआर–नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर रिसर्च इन डिजिटल हेल्थ एंड डेटा साइंस…