रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) में लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट (एलआरजीआर) पिनाका का सफल उड़ान परीक्षण किया। इस रॉकेट का परीक्षण उपयोगकर्ता द्वारा निर्धारित न्यूनतम 60 किलोमीटर की मारक क्षमता के लिए किया गया। तय योजना के तहत परीक्षण के दौरान एलआरजीआर ने पूर्व निर्धारित उड़ान पथ (ट्रैजेक्टरी) का सटीक रूप से पालन करते हुए अपने लक्ष्य पर सफलतापूर्वक निशाना साधा। रेंज में तैनात सभी उपकरणों ने पूरी उड़ान के दौरान रॉकेट को सफलतापूर्वक ट्रैक किया।
पिनाका लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट का डिजाइन व विकास रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के आयुध अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान ने उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला के साथ मिलकर किया है। इसके विकास में रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला और अनुसंधान केंद्र इमारत (आरसीआई) का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। रॉकेट के उड़ान परीक्षण का समन्वय एकीकृत परीक्षण रेंज, चांदीपुर और प्रूफ एंड एक्सपेरिमेंटल एस्टेब्लिशमेंट ने संयुक्त रूप से किया। इस परीक्षण में रॉकेट को भारतीय सेना में पहले से सेवा में मौजूद पिनाका प्रक्षेपक से दागा गया। इससे इस प्रणाली की बहुउपयोगिता सिद्ध हुई और यह भी प्रदर्शित हुआ कि एक ही पिनाका प्रक्षेपक से अलग-अलग मारक क्षमता वाले पिनाका रॉकेटों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया जा सकता है।
रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने सफल उड़ान परीक्षण पर डीआरडीओ, भारतीय सेना और रक्षा उद्योग जगत को बधाई दी। उन्होंने इसे लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेटों के स्वदेशी डिजाइन और विकास क्षमता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
रक्षा सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने परीक्षणों पर बारीकी से नजर रखी और सफल परीक्षण से जुड़ी सभी टीमों की सराहना की।
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