मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर आज कोच्चि में आगामी केरल विधानसभा चुनावों को लेकर चुनावी तैयारियों की विस्तृत और व्यापक समीक्षा की।
समीक्षा के दौरान आयोग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों जैसे आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और राज्य की मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल जैसे कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस, केरल कांग्रेस (एम) और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी से सुझाव मांगे।
अधिकांश राजनीतिक दलों ने केरल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के शांतिपूर्ण और सुचारू संचालन के लिए भारत निर्वाचन आयोग की सराहना की। कुछ दलों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संचालन में बीएलओ द्वारा किए गए अच्छे काम की प्रशंसा भी की। कुछ राजनीतिक दलों ने आयोग से आग्रह किया कि चुनाव की तारीखें तय करते समय आगामी स्थानीय त्योहारों को ध्यान में रखा जाए। कुछ पार्टियों ने आयोग से बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था करने का अनुरोध किया।
राजनीतिक दलों ने आयोग से चुनाव के दौरान धनबल के इस्तेमाल और शराब/मुफ्त चीजों के वितरण पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठाने का आग्रह किया। कुछ दलों ने चुनावी माहौल को दूषित करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और कृत्रिम रूप से उत्पन्न सामग्री के उपयोग पर चिंता जताई।
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि एसआईआर का संचालन अत्यंत पारदर्शी तरीके से किया गया है। उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए और साथ ही कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी प्रकार के समावेशन/हटाने/परिवर्तन के लिए फॉर्म 6/7/8 अभी भी दाखिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आरपी अधिनियम 1950 के अनुसार डीएम/सीईओ के पास अपील दायर की जा सकती है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने सभी राजनीतिक दलों को आश्वासन दिया कि चुनाव कानून के अनुसार निष्पक्ष, स्वतंत्र, न्यायसंगत और पारदर्शी तरीके से आयोजित किए जाते हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने राजनीतिक दलों को चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन की किसी भी शिकायत को दर्ज करने के लिए चुनाव आयोग के ईसीआईएनईटी प्लैटफॉर्म के सीवीआईजीआईएल (सीविजिल) का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।
सीईसी ने सभी राजनीतिक दलों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि केरल में चुनाव हमेशा की तरह न केवल पूरे देश के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक मॉडल हो।
बाद में आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों/नोडल अधिकारियों, आईजी, डीआईजी, डीईओ, एसपी के साथ चुनाव योजना, ईवीएम प्रबंधन, लॉजिस्टिक सम्बंधी, चुनाव कर्मचारियों के प्रशिक्षण, जब्ती, कानून व्यवस्था, मतदाता जागरूकता और संपर्क गतिविधियों के हर पहलुओं पर विस्तृत समीक्षा की।
आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों के सभी प्रमुखों/नोडल अधिकारियों को पूर्ण निष्पक्षता के साथ कार्य करने और किसी भी प्रकार के प्रलोभन से संबंधित सभी गतिविधियों पर सख्ती से नकेल कसने का निर्देश दिया।
आयोग ने सभी मतदान अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए सभी मतदान केंद्रों पर रैंप, व्हीलचेयर और पीने के पानी सहित न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं (एएमएफ) उपलब्ध कराई जाए।





