सेवानिवृत्ति कोष का प्रबंधन करने वाले निकाय ईपीएफओ से इस साल जुलाई में 19.94 लाख सदस्य जुड़े हैं। श्रम मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।
केन्द्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने ईपीएफओ का जुलाई 2024 का अनंतिम पेरोल डेटा जारी किया
केन्द्रीय श्रम और रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री ने आज नई दिल्ली में जुलाई 2024 का ईपीएफओ का अनंतिम पेरोल डेटा जारी किया। उन्होंने इस तथ्य का उल्लेख किया कि ईपीएफओ ने जुलाई 2024 के महीने में 19.94 लाख शुद्ध सदस्य जोड़े हैं, जो अप्रैल 2018 में पेरोल डेटा की ट्रैकिंग शुरू होने के बाद से दर्ज की जाने वाली अबतक की सबसे अधिक वृद्धि है।
ईपीएफओ के पेरोल डेटा (जुलाई 2024) की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
समग्र सदस्यता में वृद्धि:
ईपीएफओ ने जुलाई 2024 में 10.52 लाख नए सदस्य जोड़े, जो जून 2024 की तुलना में 2.66 प्रतिशत की वृद्धि और जुलाई 2023 की तुलना में 2.43 प्रतिशत’ की वृद्धि को दर्शाता है। नई सदस्यता में इस वृद्धि का श्रेय रोजगार के बढ़ते अवसरों, कर्मचारी लाभों के बारे में बढ़ती जागरूकता और ईपीएफओ के आउटरीच कार्यक्रमों की सफलता को दिया जा सकता है।.
पुनः शामिल होने वाले सदस्य:
लगभग 14.65 लाख सदस्य जो इस प्रणाली से बाहर निकल गए थे, जुलाई में ईपीएफओ में फिर से शामिल हो गए। यह आंकड़ा वर्ष-दर-वर्ष के आधार पर 15.25 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। इन सदस्यों ने अपने भविष्य निधि संचय को वापस लेने के बजाय स्थानांतरित करने का विकल्प चुना और इस प्रकार उनकी दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा बनी रही।
नई सदस्यता ग्रहण करने वालों में 18-25 आयु वर्ग सबसे आगे:
जुलाई 2024 में 8.77 लाख विशुद्ध सदस्यों के समावेश के साथ सबसे अधिक वृद्धि 18-25 आयु वर्ग में देखी गई। इस रिकॉर्ड का प्रचलन शुरू होने के बाद से इस जनसांख्यिकीय समूह की यह सबसे बड़ी वृद्धि है और यह युवाओं, ज्यादातर पहली बार नौकरी चाहने वालों, के संगठित श्रमशक्ति में प्रवेश की निरंतर रूझान को दर्शाता है। यह आयु वर्ग इस महीने के दौरान जोड़े गए सभी नए सदस्यों के 59.41 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।
महिलाओं की सदस्यता में वृद्धि:
जुलाई 2024 में लगभग 3.05 लाख नई महिला सदस्य ईपीएफओ में शामिल हुईं, जो वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 10.94 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। कुल मिलाकर, 4.41 लाख विशुद्ध महिला सदस्य जोड़ी गईं, जो जुलाई 2023 की तुलना में 14.41 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पेरोल ट्रैकिंग शुरू होने के बाद से महिलाओं की सबसे अधिक मासिक वृद्धि है। यह बढ़ती महिला भागीदारी के साथ अधिक समावेशी श्रमशक्ति की दिशा में बदलाव का संकेत है।
राज्यवार योगदान:
जुलाई 2024 में कुल जोड़े गए विशुद्ध सदस्य में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, हरियाणा और गुजरात राज्यों की हिस्सेदारी 59.27 प्रतिशत रही, जिसमें सामूहिक रूप से 11.82 लाख सदस्य जुड़े। राज्यों/केन्द्र-शासित प्रदेशों में महाराष्ट्र सबसे आगे रहा, जिसने कुल जोड़े गए नए सदस्यों में 20.21 प्रतिशत का योगदान दिया।
उद्योग-वार रुझान:
मैन्यूफैक्चरिंग, कंप्यूटर सेवाओं, निर्माण, इंजीनियरिंग, बैंकिंग (गैर-राष्ट्रीयकृत), और निजी क्षेत्र के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जैसे क्षेत्रों में सदस्यता में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई। उल्लेखनीय रूप से, 38.91 प्रतिशत का विशुद्ध समावेश विशेषज्ञ सेवाओं से हुआ, जिनमें जनशक्ति आपूर्तिकर्ता, ठेकेदार और सुरक्षा सेवाएं शामिल हैं।
उपरोक्त पेरोल डेटा अनंतिम है क्योंकि आकड़ों का संग्रहण एक सतत प्रक्रिया है, क्योंकि कर्मचारियों के रिकॉर्ड को अद्यतन करना एक सतत प्रक्रिया है। इसलिए पिछला डेटा हर महीने अपडेट किया जाता है। अप्रैल-2018 के महीने से, ईपीएफओ सितंबर 2017 के बाद की अवधि को कवर करते हुए पेरोल डेटा जारी कर रहा है। मासिक पेरोल के कुल आकड़ों की गणना के लिए मासिक पेरोल डेटा में, आधार मान्य यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) के माध्यम से पहली बार ईपीएफओ में शामिल होने वाले सदस्यों, ईपीएफओ के कवरेज से बाहर निकलने वाले मौजूदा सदस्यों और बाहर निकलकर फिर से शामिल होने वाले सदस्यों को लिया जाता है।
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