संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन-एफ.ए.ओ. ने 2024 में बिगड़ते वैश्विक भुखमरी संकट पर एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 53 देशों के दो करोड़ 95 लाख लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा से जूझ रहे हैं। यह आंकड़ा 2023 के आंकड़ो से एक करोड़ 37 लाख अधिक है। वर्ष 2025 के वैश्विक खाद्य संकट रिपोर्ट में प्रकाशित निष्कर्ष लगातार छठे वार्षिक वृद्धि को दर्शाता है। सुडान में अकाल और गाजा, दक्षिणी सूडान, हैती और माली में गंभीर भुखमरी के साथ बहुत से क्षेत्रों में जारी संघर्ष इस समस्या का मुख्य कारण है। इस रिपोर्ट में मई तथा सितंबर 2025 के बीच गाजा में अकाल के मंडराते संकट के प्रति भी आगाह किया गया है। विस्थापन की मजबूरी, आर्थिक झटके और मौसम की मार ने इस संकट को और बढ़ा दिया। संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन के निदेशक कु डोंगयु ने कहा कि गंभीर खाद्य असुरक्षा विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में दीर्घकालिक वास्तविकता बन रही है।
केंद्र सरकार ने बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में पंचायती राज…
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने आज नई दिल्ली में अन्वेषण लाइसेंस…
भारत के परिवहन अवसंरचना एजेंडा को मजबूत करते हुए, भारतीय रेलवे ने रोड ओवर ब्रिज (आरओबी)…
देश में रेल नेटवर्क और क्षेत्रीय संपर्क मजबूत करने के लिए भारतीय रेल ने तीसरी…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 12 फरवरी, 2026 को…
केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक…