सर्वोच्च न्यायालय ने पहली बार 32 वर्षीय एक व्यक्ति को निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी है। न्यायालय ने पिछले 12 वर्षों से अधिक समय से कोमा में पडे व्यक्ति के कृत्रिम जीवन रक्षक यंत्र को हटाने की अनुमति दे दी है।
निष्क्रिय इच्छामृत्यु ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें जीवन रक्षक यंत्र या उसे जीवित रखने के लिए आवश्यक उपचार को रोक दिया जाता है या हटा दिया जाता है। गाजियाबाद के रहने वाले पंजाब विश्वविद्यालय के छात्र हरीश राणा को 2013 में अपने पीजी की चौथी मंजिल से गिरने के बाद सिर में गंभीर चोटें आईं थी। इसके बाद से वह एक दशक से अधिक समय से कोमा में हैं।
म्यांमा के राष्ट्रपति ऊ मिन आऊँ लाइन् आज भारत के पांच दिन के दौरे पर…
बिहार में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में सात लोगों की मौत…
राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) ने एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री…
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा (IPB) से लगे…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने “खेत बचाओ अभियान” को केवल एक जागरूकता कार्यक्रम…
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज पणजी में गोवा के 40वें राज्य स्थापना दिवस समारोह में…