फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान फ़्रांस आधिकारिक तौर पर फ़लस्तीन को मान्यता दे देगा। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह निर्णय पश्चिम एशिया में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के लिए फ़्रांस की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। श्री मैक्रों ने यह भी कहा कि शांति संभव है और गाज़ा में तुरंत युद्धविराम तथा आम नागरिकों को बचाने की आवश्यकता है। उधर, इस्रायल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने फ्रांस के फैसले को गंभीर भूल बताया है। उन्होंने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति हमास और अन्य समूहों द्वारा उत्पन्न ख़तरों की अनदेखी कर रहे हैं।
नासा का विशाल रॉकेट ‘आर्टेमिस II’ मिशन के लिए फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्थित लॉन्च…
मेसर्स सूर्यदीप्ता प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, ठाणे (एमएसएमई शिपयार्ड) के साथ 16 जनवरी 2026 को 03…
भारतीय रेल ने मौनी अमावस्या के दौरान रेल यातायात का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया और 3…
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर सहयोगी देशों पर अमरीका…
सरकारी ई-मार्केटप्लेस-जेम और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई ने आज एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।…
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के…