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Gati Shakti University launches joint capacity building efforts with Capacity Development Commission
भारत

गति शक्ति विश्वविद्यालय ने क्षमता विकास आयोग के साथ मिलकर क्षमता निर्माण के संयुक्त प्रयास शुरू किए

सरकार के क्षमता विकास आयोग (सीबीसी) ने आज वडोदरा में प्रशिक्षण संस्थानों के लिए सतत वित्तपोषण, शासन और संसाधन जुटाने पर एक पश्चिमी क्षेत्रीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया। गति शक्ति विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में पश्चिमी राज्यों के सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थानों (सीएसटीआई) के 26 प्रतिभागियों ने संस्थागत वित्तपोषण और शासन में प्रमुख सुधारों पर विचार-विमर्श किया।

इस कार्यक्रम में सीबीसी और गति शक्ति विश्वविद्यालय के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह सहयोगात्मक क्षमता निर्माण प्रयासों के प्रति एक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कार्यशाला सत्रों में मसौदा रूपरेखा संरचना और नीति दिशा पर एक साझा सहमति स्थापित हुई। कार्यशाला में दो विषयगत समूहों ने प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की।

पहले समूह ने सतत वित्तपोषण पर ध्यान केंद्रित किया । इसमें वित्तीय संरचनाओं और बजट मॉडलों पर चर्चा की गई। राजस्व प्रतिधारण, पुनर्विनियोजन और आगे ले जाने की प्रक्रियाओं का विश्लेषण किया गया। समूह ने राजस्व सृजन के संभावित तरीकों का भी पता लगाया।

दूसरे समूह ने शासन और संसाधन जुटाने पर ध्यान केंद्रित किया। इसमें शक्तियों के प्रत्यायोजन और शासी निकाय की कार्यप्रणाली पर विचार-विमर्श किया गया। शैक्षणिक और प्रशासनिक स्वायत्तता चर्चा के प्रमुख क्षेत्र थे। समूह ने अवसंरचना उपयोग नीति पर भी विचार किया। संस्थागत विशेषज्ञता का लाभ उठाने, डिजिटल विस्तार और साझेदारी पर भी चर्चा हुई।

कार्यशाला का शुभारंभ सीबीसी की प्रधान सलाहकार चंद्रलेखा मुखर्जी के स्वागत भाषण से हुआ। इसके बाद गति शक्ति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज चौधरी ने उभरते क्षमता निर्माण परिदृश्य में जीएसवी की भूमिका का उल्लेख किया। सीबीसी की अध्यक्ष एस. राधा चौहान ने संस्थागत सुदृढ़ीकरण के माध्यम से सीएसटीआई को भविष्य के लिए तैयार करने पर संबोधित किया और विकसित भारत@2047 की दिशा में एक सशक्त सीएसटीआई इकोसिस्टम के निर्माण में सीबीसी की सहायक भूमिका पर बल दिया।

सीबीसी ने कहा कि पश्चिमी क्षेत्रीय परामर्श से प्राप्त अंतर्दृष्टि को सतत वित्तपोषण तंत्र को मजबूत करने, शासन संरचनाओं में सुधार करने और सिविल सेवा प्रशिक्षण इकोसिस्टम में संसाधन जुटाने की क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से समेकित राष्ट्रीय स्तर की सिफारिशों में शामिल किया जाएगा।

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