घरेलू एमआरओ उद्योग और विमानन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने घोषणा की है कि विमानों के पुर्जों, कंपोनेंट, जांच उपकरणों, औजारों और टूल-किट के आयात पर, चाहे उनका एचएसएन वर्गीकरण कुछ भी हो, 5 प्रतिशत की एकसमान दर से आईजीएसटी लागू होगा, बशर्ते कि यह निर्दिष्ट शर्तों के अधीन हो। यह नीतिगत बदलाव भारतीय एमआरओ क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने, नवोन्मेषण और दक्षता को बढ़ावा देने तथा एक मजबूत एवं कुशल विमानन क्षेत्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार ने विभिन्न नीति, विनियामक और अन्य प्रोत्साहनों के माध्यम से भारत में विमान रखरखाव, मरम्मत और निरीक्षण (एमआरओ) सेवाओं की स्थापना को सुविधाजनक बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं:
यह जानकारी नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कल लोक सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
इस्राएल द्वारा कल रात ईरान के प्रमुख इस्पात, बिजली और परमाणु संयंत्रों पर हमले तेज…
इंडियन प्रीमियर लीग- आईपीएल का 19वां संस्करण आज से शुरू हो रहा है। उद्घाटन मैच…
केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट जोजिला पास…
भारत सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के परामर्श से वित्त वर्ष 2026-27 की पहली…
ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (ओआईसीएल) ने वित्त वर्ष 2025-2026 के लिए ₹20,000 करोड़ के ग्रॉस…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल के पश्चिम एशिया घटनाक्रम और भारत पर उसके संभावित प्रभाव…