बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) पीएम-आशा की एक घटक योजना है। बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) को राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकार के अनुरोध पर विभिन्न शीघ्र खराब होने वाली कृषि/बागवानी वस्तुओं जैसे टमाटर, प्याज और आलू आदि की खरीद के लिए लागू किया जाता है, जिनके लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू नहीं होता है और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में पिछले सामान्य मौसम की दरों की तुलना में बाजार में कीमतों में कम से कम 10% की कमी होती है, ताकि किसानों को अपनी उपज को मजबूरी में बेचने के लिए बाध्य न होना पड़े।
एमआईएस के कार्यान्वयन के लिए अधिक राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए, सरकार ने एमआईएस दिशानिर्देश को निम्नलिखित प्रावधानों में संशोधित किया है:
मध्य प्रदेश से दिल्ली तक 1,000 मीट्रिक टन तक खरीफ टमाटर के परिवहन के लिए परिवहन लागत की प्रतिपूर्ति के लिए एनसीसीएफ (NCCF) को मंजूरी दे दी गई है।
एमआईएस के तहत शीर्ष फसलों की खरीद करने और कार्यान्वयन करने वाले राज्य के साथ समन्वय में, उत्पादक राज्य और उपभोक्ता राज्य के बीच मूल्य अंतर की स्थिति में उत्पादक राज्य से उपभोक्ता राज्य तक भंडारण और परिवहन की व्यवस्था करने के लिए, NAFED और NCCF के अलावा, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), किसान उत्पादक कंपनियों (एफपीसी), राज्य द्वारा नामित एजेंसियों और अन्य केंद्रीय नोडल एजेंसियों को शामिल करने का प्रस्ताव किया जा रहा है।
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