सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए पारस्परिक ऋण गारंटी योजना (एमसीजीएस-एमएसएमई) जनवरी 2025 में शुरू की गई थी। यह योजना राष्ट्रीय ऋण गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) द्वारा सदस्य ऋणदाता संस्थानों (एमएलआई) को एमसीजीएस-एमएसएमई के तहत पात्र सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को उपकरण/मशीनरी की खरीद के लिए स्वीकृत ₹100 करोड़ तक की ऋण सुविधा के लिए 60% गारंटी कवरेज प्रदान करती है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और ऋणदाता संस्थानों से प्राप्त प्रतिक्रिया के आधार पर कुछ संशोधन किए गए हैं।
मौजूदा “एमसीजीएस-एमएसएमई” योजना में संशोधन:
निर्यातकों के लिए योजना में विशेष प्रावधान शामिल किए गए हैं:
भारत के सकल घरेलू उत्पादन में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) का योगदान लगभग 30% और निर्यात में 45% से अधिक है, साथ ही इससे 35 करोड़ से अधिक श्रमिकों को रोजगार मिलता है। “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मजबूत, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ एमएसएमई की आवश्यकता है। एमसीजीएस-एमएसएमई योजना में किए गए संशोधनों से एमएसएमई, जिनमें निर्यातक एमएसएमई भी शामिल हैं, उनको संयंत्र और मशीनरी/उपकरणों की खरीद के लिए ऋण की उपलब्धता में वृद्धि होने की उम्मीद है जिससे भारत के विनिर्माण और निर्यात क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग के अंतर्गत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) और…
जापान एशियाई खेलों में, भारतीय महिला क्रिकेट टीम आज स्वर्ण पदक के मुकाबले में श्रीलंका…
भारत का सेमीकंडक्टर बाजार वर्ष 2026 में करीब 64 अरब डॉलर से बढ़कर 2035 तक…
ब्रिटेन ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों से निपटने के लिए सऊदी अरब को…
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से…
व्यापार और आर्थिक साझेदारी की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए, भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार…