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government has approved 29 additional proposals under the Electronics Components Manufacturing Scheme (ECMS)
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सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना (ईसीएमएस) के अंतर्गत 29 और प्रस्तावों को मंजूरी दी

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने पूर्व में घोषित 54,567 करोड़ रुपये के 46 आवेदनों की स्वीकृति के क्रम में, इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना (ईसीएमएस) के अंतर्गत 7,104 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश और 84,515 करोड़ रुपये के अनुमानित उत्पादन वाले 29 और प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की है। इन स्वीकृतियों से 14,246 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

वर्तमान में स्वीकृत उत्पादों में 16 उत्पादों का उत्पादन शामिल है जिनका उपयोग मोबाइल निर्माण, दूरसंचार, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, रणनीतिक इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोटिव और आईटी हार्डवेयर उत्पादों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है। इन 16 उत्पादों का विवरण निम्मलिखित है:

  • 1 उप-असेंबली: डिस्प्ले मॉड्यूल
  • 1 मूल घटक: एंटिना, कैपेसिटर, कनेक्टर, हीट सिंक, लिथियम-आयन सेल, रिले, रेसिस्टर, ट्रांसड्यूसर, एसएमडी पैसिव कंपोनेंट्स, फ्लेक्सिबल पीसीबी और इंडक्टर
  • आपूर्ति श्रृंखला की 3 वस्तुए: लैमिनेट, कैपेसिटर के लिए धातुयुक्त फिल्म एवं रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट
  • पूंजीगत वस्तुएं एवं उनके पार्ट्स

इन स्वीकृतियों में टैंटलम आधारित कैपेसिटर के लिए देश का पहला एसएमडी पैसिव प्लांट, पहला फ्लेक्सिबल पीसीबी प्लांट और पहली रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट सुविधा शामिल है।

इस अवसर पर, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए चार प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को रेखांकित किया। सबसे पहले, उन्होंने देश में मजबूत डिजाइन क्षमताएं विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया, चाहे वह स्वतंत्र रूप से हो या अन्य कंपनियों, विश्वविद्यालयों या संस्थानों के सहयोग से ताकि देश में ही अधिक मूल्य प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके। दूसरा, उन्होंने समन्वित क्रेता-विक्रेता व्यवस्थाओं सहित एक मजबूत घरेलू आपूर्ति श्रृंखला के विकास की बात की जिसमें स्वदेशी पूंजी उपकरण निर्माताओं के लिए संभावित वरीयता का सुझाव दिया गया ताकि घरेलू निर्माताओं को ज्यादा से ज्यादा अवसर प्राप्त हो सके। तीसरा, उन्होंने वैश्विक प्रतिस्पर्धा एवं उच्च मानकों को सुनिश्चित करने के लिए उद्योग-व्यापी सहयोग के माध्यम से सिक्स सिग्मा गुणवत्ता कार्यक्रमों को लागू करने के महत्व पर बल दिया। चौथा, उन्होंने एक संरचित कार्यबल विकास पहल की आवश्यकता पर बल दिया और इस क्षेत्र के लिए कुशल जनशक्ति की एक स्थिर आपूर्ति बनाने के लिए कम से कम 5,000 व्यक्तियों को प्रशिक्षित करने की क्षमता वाले 4-5 केंद्रित प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना का सुझाव दिया।

मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि ईसीएसएस सबसे सफल पहलों में से एक है, जिसने उद्योग जगत ने बहुत रुचि दिखाई है और सरकार ने इसके लिए तेजी से मंजूरी प्रदान कर इसे बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार अब उद्योग जगत से भी कार्यान्वयन में तेजी लाने की उम्मीद करती है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पूंजीगत उपकरणों एवं आपूर्ति श्रृंखलाओं के क्षेत्र में अवसर अभी भी खुले हुए हैं और हितधारकों से आग्रह किया कि वे वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति के मद्देनजर इस योजना का लाभ उठाकर मजबूत एवं विविध आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण करें।

इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) के अध्यक्ष पंकज महिंद्रू ने नवीनतम केंद्रीय बजट में ईसीएमएस के लिए आवंटित राशि में वृद्धि का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल निर्माण में पीएलआई योजना के मजबूत प्रदर्शन के समर्थन से ईसीएमएस के लिए आवंटित राशि को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने से ईसीएसएस की तीव्र वृद्धि में विश्वास में वृद्धि हुई है।

सब-असेंबली श्रेणी में, डिस्प्ले मॉड्यूल के निर्माण के लिए डिक्सन डिस्प्ले टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और वांगडा टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को अनुमोदन प्रदान हुए हैं।

घटक श्रेणी में, विनिर्माण के लिए निम्नलिखित अनुमोदन प्रदान किए गए हैं:

  • वीवीडीएन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को एंटीना एवं हीट सिंक।
  • इलेक्ट्रॉनिक और फाइबर ऑप्टिक कनेक्टिविटी सिस्टम में वैश्विक स्तर पर अग्रणी मोलेक्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड; टर्मिनल टेक्नोलॉजीज; एसएफओ टेक्नोलॉजीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड; उच्च-प्रौद्योगिकी इंटरकनेक्ट के दुनिया के सबसे बड़े डिजाइनरों और निर्माताओं में से एक एम्फेनोल एफसीआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को कनेक्टर प्रदान किए गए हैं।
  • ओ/ई/एन इंडिया लिमिटेड; परमानेंट मैग्नेट्स लिमिटेड; बीजी इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड; और एसएफओ टेक्नोलॉजीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रिले की आपूर्ति।
  • विशय कंपोनेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को नॉन-एसएमडी और एसएमडी पैसिव कैपेसिटर की आपूर्ति, जो कि असतत अर्धचालकों और निष्क्रिय इलेक्ट्रॉनिक घटकों का एक प्रमुख वैश्विक निर्माता है।
  • मुनोथ लिथियम बैटरी प्राइवेट लिमिटेड को डिजिटल अनुप्रयोगों के लिए लिथियम-आयन सेल की आपूर्ति।
  • विशय प्रेसिजन ट्रांसड्यूसर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को प्रतिरोधक एवं ट्रांसड्यूसर की आपूर्ति।
  • टीडीके इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को इंडक्टर की आपूर्ति, जो इलेक्ट्रॉनिक घटकों और प्रणालियों की एक प्रमुख वैश्विक निर्माता कंपनी है।
  • सिरमा स्ट्रेटेजिक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड को फ्लेक्सिबल पीसीबी की आपूर्ति

इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती प्रदान करने के लिए, निम्नलिखित विभिन्न आपूर्ति श्रृंखला उत्पादों के निर्माण के लिए भी अनुमोदन प्रदान किए गए हैं:

  • सिरमा कंपोनेंट्स प्राइवेट लिमिटेड और रत्नवीर प्रेसिजन इंजीनियरिंग लिमिटेड को लैमिनेट (कॉपर क्लैड) की आपूर्ति की गई। लैमिनेट पीसीबी निर्माण के लिए आधार सामग्री है और पीसीबी निर्माण की सामग्री सूची का एक महत्वपूर्ण हिस्सा (लगभत 30%) है।
  • ध्रुव इंडस्ट्रीज लिमिटेड को कैपेसिटर के लिए मेटलाइज्ड फिल्म की आपूर्ति।
  • लोहम क्लीनटेक प्राइवेट लिमिटेड को रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट की आपूर्ति। दुर्लभ पृथ्वी ऑक्साइड से रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के निर्माण की यह पहली परियोजना है, जो उन्नत सामग्रियों में स्वदेशी क्षमताओं के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इसके अलावा, आज की स्वीकृतियों में पूंजीगत उपकरणों में विनिर्माण क्षमता विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। निम्नलिखित 6 संस्थाओं को स्वीकृतियां प्रदान की गईं:

  • टाइटन इंजीनियरिंग एंड ऑटोमेशन लिमिटेड; नेस्ट एडवांस्ड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर प्राइवेट लिमिटेड; एएसएम टेक्नोलॉजीज लिमिटेड; इंडो-एमआईएम लिमिटेड; भारत एफआईएच लिमिटेड; और आईएफबी इंडस्ट्रीज लिमिटेड।

इन स्वीकृतियों से स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करके, महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक घटकों के आयात पर निर्भरता कम करके और भारत में उन्नत विनिर्माण क्षमताओं के विकास को सक्षम बनाकर घरेलू मूल्यवर्धन में वृद्धि होने की उम्मीद है। इन स्वीकृतियों के साथ, ईसीएमएस के तहत कुल 75 आवेदनों को मंजूरी दी गई है, जिनसे 61,671 करोड़ रुपये के निवेश और 65,040 व्यक्तियों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत स्वीकृतियां भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण यात्रा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी मील का पत्थर हैं, जो भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

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