होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के चलते जहाजों के मार्ग बदलने, लंबी समुद्री यात्रा, माल ढुलाई केंद्रों पर भीड़भाड़ और आपातकालीन अधिभार जैसी समस्याएं सामने आई हैं। इन परिस्थितियों ने न केवल रसद लागत बढ़ाई है, बल्कि क्षेत्र में व्यापारिक संचालन को लेकर अस्थिरता भी उत्पन्न की है।
पश्चिम एशिया में बदलती इन भू-राजनीतिक परिस्थितियों और इस क्षेत्र की समुद्री रसद पर इसके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) के तहत ‘रिलीफ – रेजिलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन’ नामक विशेष समयबद्ध और लक्षित पहल को मंजूरी दी है। इस पहल का उद्देश्य खाड़ी और व्यापक पश्चिम एशियाई समुद्री मार्गों में व्यवधान के कारण बढ़ी हुई माल ढुलाई लागत, बीमा प्रीमियम और युद्ध से संबंधित निर्यात जोखिमों का सामना कर रहे भारतीय निर्यातकों को आवश्यक सहायता प्रदान करना है।
‘रिलीफ’ को मंजूरी देना केंद्र सरकार की उन बाहरी चुनौतियों का शीघ्र और प्रभावी समाधान देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो देश के व्यापारिक प्रवाह को बाधित कर रही हैं।
संकट की इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार की समन्वित रणनीति के अंतर्गत, आपूर्ति श्रृंखला लचीलेपन पर ध्यान देने के लिए 2 मार्च, 2026 को एक अंतर-मंत्रालयी समूह (आईएमजी) का गठन किया गया। इसका उद्देश्य स्थिति की निगरानी करना और आवश्यक उपायों का समन्वय करना है। आईएमजी ने 3 मार्च, 2026 से नियमित दैनिक समीक्षा बैठकों का आयोजन शुरू किया, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों/विभागों, वित्तीय संस्थानों, लॉजिस्टिक्स स्टेकहोल्डर्स और निर्यात संघों को एक मंच पर लाया गया। इन चर्चाओं के परिणामस्वरूप कई प्रभावी कदम उठाए गए, जैसे फंसे हुए माल की आवाजाही के लिए प्रक्रियात्मक छूट, बंदरगाहों पर संचालन में सुधार हेतु बेहतर समन्वय, प्रभावित माल के लिए भंडारण और ठहराव शुल्क में छूट, शिपिंग लाइन शुल्क संरचना में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए दिशा-निर्देश जारी करना और बीमा जोखिम मूल्यांकन तथा अंतर्देशीय लॉजिस्टिक्स के संचालन की कड़ी निगरानी करना। इन ठोस प्रयासों ने जमीनी चुनौतियों का वास्तविक समय में आकलन संभव बनाया और लक्षित वित्तीय जोखिम प्रबंधन में मदद की।
इस योजना को इस उद्देश्य से तैयार किया गया कि वह संकट की अवधि में पहले से भेजे गए शिपमेंट और प्रभावित क्षेत्रों में नियोजित संभावित निर्यात को शामिल करते हुए निर्यात प्रक्रिया को सुगम बनाए।
स्वीकृत ढांचे के अंतर्गत, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के पूर्ण स्वामित्व वाली ईसीजीसी लिमिटेड (पूर्व में एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) को सत्यापन, दावा प्रसंस्करण, वितरण और निगरानी की जिम्मेदारी संभालने वाली नोडल और कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है। यह एजेंसी निर्यात ऋण जोखिम कवर प्रदान करने में वाणिज्यिक और राजनीतिक जोखिमों, जिसमें युद्ध जैसी आकस्मिकताएं भी शामिल हैं, को संभालने के लिए विश्वसनीय और समयबद्ध सहायता सुनिश्चित करने में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करेगी।
इस पहल के तहत तीन पूरक घटक शामिल किए गए हैं, जो संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कुवैत, इजराइल, कतर, ओमान, बहरीन, इराक, ईरान और यमन जैसे देशों को भेजे जा रहे या इन देशों से ट्रांसशिपमेंट के लिए निर्धारित माल पर लागू होंगे:
निर्यात प्रोत्साहन मिशन के अंतर्गत इस योजना का कार्यान्वयन मिशन के तहत स्वीकृत 497 करोड़ रुपए के वित्तीय परिव्यय के साथ किया जाएगा। ईसीजीसी दावों और निधि उपयोग की वास्तविक समय में निगरानी करने के लिए डैशबोर्ड-आधारित निगरानी प्रणाली बनाए रखेगा। ईपीएम संचालन समिति बदलती भू-राजनीतिक स्थितियों के मद्देनजर इसकी समय-समय पर समीक्षा करेगी और आवश्यकतानुसार संशोधित करने, जारी रखने या वापस लेने की सिफारिश कर सकती है।
सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से रसद संबंधी व्यवधानों के तात्कालिक प्रभाव को कम करना, निर्यातकों का विश्वास बनाए रखना, ऑर्डर रद्द होने से रोकना और निर्यात से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार की रक्षा करना है। यह पहल अनिश्चितता के दौर में वैश्विक व्यापार में लचीलापन और प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है।
ईपीएम के अंतर्गत ‘रिलीफ’ की मुख्य विशेषताएं
भारत ने दोहराया है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य तथा अभिन्न अंग है और…
संसद ने अधिकरण सुधार विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। आज राज्यसभा ने भी इसे…
सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों में तुरंत प्राथमिकी दर्ज…
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने देश की भौगोलिक संकेत (जीआई) उत्पादों की समृद्ध…
मौसम विभाग ने राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में आज घनघोर वर्षा का रेड अलर्ट…
पश्चिमी कोलंबिया में कल 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप में 132 लोगों की मौत हो…