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government has launched a digital portal for issuing origin certificates with the aim of promoting the cultivation of medicinal plants
भारत

सरकार ने औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से मूल प्रमाण पत्र जारी करने के लिए डिजिटल पोर्टल का शुभारंभ किया

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले वैधानिक निकाय, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने एक डिजिटल पोर्टल का विकास और संचालन शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से खेती किए जाने वाले औषधीय पौधों तक पहुंच और लाभ साझाकरण से संबंधित छूट की मांग करने वाले हितधारकों को मूल प्रमाण पत्र इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किया जा सकेगा।

यह पोर्टल आवेदन प्रक्रिया और मूल प्रमाण पत्र जारी करने के लिए एक संपूर्ण ऑनलाइन प्रणाली के रूप में कार्य करता है। प्रमाण पत्र https://absefiling.nbaindia.in/ से डाउनलोड किए जा सकते हैं।

2023 को लोकसभा में 25 जुलाई 2023 और राज्यसभा में 1 अगस्त 2023 को विधेयक पारित होने के बाद जैविक विविधता (संशोधन) अधिनियम बना था। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 2024 और 2025 में जैविक विविधता नियमों को अधिसूचित किया था।

संशोधित अधिनियम के प्रावधानों को क्रियान्वित करने और आयुष क्षेत्र, बीज क्षेत्र और अनुसंधान संस्थानों सहित सभी हितधारक समूहों की प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मंत्रालय ने जैविक विविधता नियमों को अधिसूचित किया था।

संशोधित नियमों में निर्दिष्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से औषधीय पौधों की खेती के लिए मूल प्रमाण पत्र इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी करने का प्रावधान है।

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