सरकार ने वक्फ-संशोधन विधेयक-2025 को चर्चा और पारित करने के लिए राज्यसभा में पेश किया
राज्यसभा में आज वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 को विचार और पारित करने के लिए पेश किया गया। विधेयक पेश करते हुए अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इस कानून का उद्देश्य संपत्ति प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाकर, वक्फ बोर्डों और स्थानीय अधिकारियों के बीच समन्वय को सुव्यवस्थित करना और हितधारकों के अधिकारों की रक्षा कर शासन में सुधार करना है।
हम चाहते हैं कि सबको डिसीजन मेकिंग की बोटी में जगह मिलनी चाहिए। इसलिए सबको एम्पावरमेंट कर रहे हैं। एफिशियेंसी को हम इनक्रीज़ करने के लिए टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करने का भरपूर इसमें प्रावधान किया गया है। अब सेंट्रलाइज डेटाबेस होगा, डिजिटल पोर्टल होगा, जो सारा स्टेट बोर्ड के साथ लिंक होगा, लाइव होगा। वक्फ प्रोपर्टी का कॉन्टिन्यूसली रजिस्ट्रेशन, ट्रैकिंग, कम्प्लाइंस पूरी व्यवस्था करके हमने एफिशियेंसी को टारगेट दिया है।
किरेन रिजिजू ने कहा कि विधेयक को हितधारकों के साथ-साथ संयुक्त संसदीय समिति के साथ विस्तृत परामर्श के बाद लाया गया है। उन्होंने विपक्षी दलों से इस विधेयक का समर्थन करने का आग्रह किया। किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वक्फ का लाभ सिर्फ मुस्लिमों को ही मिल सकता है और यह सही नहीं है कि कोई गैर-मुस्लिम वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में हस्तक्षेप करे। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है, न कि मुसलमानों के धार्मिक व्यवहार में हस्तक्षेप करना।
वक्फ एक्ट के अंदर में ये पूरी छूट दी गई है। अगर आप वक्फ बोर्ड के माध्यम से चलाना चाहते हैं, आपको पूरा इसके लिए इजाजत है, तो चैरिटी कमीश्नर जितना ट्रस्ट प्रोपर्टीज़ को देखते हैं, निगरानी करते हैं, व्यवस्था को चैक करते हैं, उसी प्रकार से वक्फ बोर्ड जो है, वक्फ प्रोपर्टी को सही तरीके से चला रहे हैं कि नहीं, ये निगरानी करने के लिए वक्फ बोर्ड बनाया गया है। वो वक्फ प्रोपर्टी को चलाने के लिए नहीं है।
केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि वक्फ बोर्ड में मुस्लिमों के सभी विभिन्न संप्रदायों और महिलाओं का प्रतिनिधित्व होगा ताकि इसे समावेशी बनाया जा सके। लोकसभा ने कल रात वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 पारित कर दिया।