केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने आज नई दिल्ली में “रिपल्स ऑफ चेंज: जेंडर-ट्रांसफॉर्मेटिव रूरल वाश प्रोग्राम्स इन इंडिया” पुस्तक का विमोचन किया।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस), जल शक्ति मंत्रालय और यूनिसेफ इंडिया के संयुक्त प्रकाशन, रिपल्स ऑफ चेंज में ग्रामीण भारत की दस शक्तिशाली कहानियाँ शामिल हैं। यूनिसेफ द्वारा प्रलेखित, ये कहानियाँ लैंगिक सशक्तिकरण, सामुदायिक नेतृत्व और जमीनी स्तर पर नवाचार के माध्यम से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और जल जीवन मिशन के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाती हैं।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के उन्नत वेबसाइट पोर्टल का भी शुभारंभ किया। यह वेबसाइट उन पहले कुछ सरकारी प्लेटफॉर्म में से एक है, जिन्हें नवीनतम डिजिटल ब्रांड पहचान मैनुअल (डीबीआईएम) और भारतीय सरकारी वेबसाइटों के लिए दिशा-निर्देश (जीआईजीडब्ल्यू) 3.0 के पूर्ण अनुपालन में सफलतापूर्वक शामिल और नया रूप दिया गया है।
डीबीआईएम एक व्यापक शैली मार्गदर्शिका के रूप में कार्य करता है और भारत के डिजिटल पदचिह्न को सुसंगत बनाने के लिए आवश्यक दृश्य, पाठ्य और अनुभवात्मक तत्वों की रूपरेखा तैयार करता है। भारत सरकार के लिए सुसंगत और एकीकृत डिजिटल पहचान के माननीय प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप, मंत्रालय की संशोधित वेबसाइट यह सुनिश्चित करती है:
उन्नत पोर्टल में अब एकीकृत इंटरफेस, सुसंगत ब्रांडिंग और प्रौद्योगिकी मानकीकरण की सुविधा है, जिससे जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल और स्वच्छता विभाग) डिजिटल उत्कृष्टता और पहुंच का एक आदर्श उदाहरण बन गया है।
कार्यक्रम में सीआर पाटिल ने कहा, “रिपल्स ऑफ चेंज की कहानियाँ हमें याद दिलाती हैं कि जब महिलाएँ नेतृत्व करती हैं, तो बदलाव आता है। ‘रिपल्स ऑफ चेंज’ सिर्फ़ एक किताब नहीं है, यह हमारे गाँवों में हो रही खामोश क्रांतियों का प्रतिबिंब है। स्वच्छ भारत और जल जीवन के मिशन सिर्फ़ बुनियादी ढाँचे के बारे में नहीं हैं, वे सम्मान, सशक्तिकरण और परिवर्तन के बारे में हैं। माननीय प्रधान मंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में, मुझे गर्व है कि हमारा मंत्रालय हमारी उन्नत वेबसाइट के लॉन्च के साथ डिजिटल गवर्नेंस में नए मानक स्थापित कर रहा है, जो एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जो न केवल आधुनिक और सुरक्षित है, बल्कि समावेशी, सुलभ और नागरिक केंद्रित भी है।”
यह आयोजन जल शक्ति मंत्रालय की समावेशिता, सुगम्यता और समुदाय-आधारित विकास के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
इस कार्यक्रम में डीडीडब्ल्यूएस सचिव, जल संसाधन सचिव, एसबीएमजी और जेजेएम के मिशन निदेशक, यूनिसेफ इंडिया के वाश प्रमुख सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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