केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा है कि एचएमपीवी नया वायरस नहीं है और इसको लेकर चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश में कहा कि एचएमपी वायरस की पहचान सर्वप्रथम वर्ष 2001 में की गई थी और यह कई वर्षों से विश्व में फैल रहा है। उन्होंने कहा कि एचएमपीवी हवा के माध्यम से सांसों के जरिये फैलता है और सभी आयु वर्ग के व्यक्तियों को प्रभावित कर सकता है। श्री नड्डा ने यह भी बताया कि देश की स्वास्थ्य प्रणालियाँ और निगरानी नेटवर्क सतर्क हैं और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी उभरती चुनौती से तत्काल निपटने की तैयारी सुनिश्चित की जा रही है।
इससे पहले, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा था कि देश भर में श्वसन संबंधी रोगों पर नजर रखने के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के प्रयासों के अंतर्गत देश में पाए गए इसके रोगियों की पहचान श्वसन संबंधी कई रोगाणुओं की नियमित निगरानी के माध्यम से की गई थी। आईसीएमआर और एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम नेटवर्क के वर्तमान आंकड़ों के आधार पर यह भी कहा गया है कि इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी या गंभीर तीव्र श्वसन संबंधी रोगों में असामान्य वृद्धि नहीं हुई है।
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