गृह मंत्री अमित शाह ने हरिद्वार में माता भगवती देवी शर्मा जी की जन्म शताब्दी एवं अखंड दीप शताब्दी वर्ष पर गायत्री परिवार द्वारा आयोजित ‘शताब्दी वर्ष समारोह – 2026’ को संबोधित किया
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज उत्तराखंड के हरिद्वार में परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी की जन्म शताब्दी एवं अखंड दीप शताब्दी वर्ष पर गायत्री परिवार द्वारा आयोजित ‘शताब्दी वर्ष समारोह – 2026’ को संबोधित किया। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हरिद्वार आस्था, अध्यात्म और संस्कृति का संगम स्थल है और आज ‘अखंड ज्योति सम्मेलन’ में आकर अखंड ऊर्जा और चेतना की अनुभूति कर रहा हूँ। उन्होंने कहा कि पं श्रीराम शर्मा जी ने आस्था, अध्यात्म और संस्कृति से व्यक्ति निर्माण, व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण से युग निर्माण की संकल्पना रखी। उन्होंने हर व्यक्ति के अंदर बसी परमात्मा रूपी आत्मा को जागृत और ऊर्जावान करने का कार्य किया है। अमित शाह ने यह कहा कि जो लोग सनातन धर्म को जानते हैं, भारतीय संस्कृति को समझते हैं और भारत के इतिहास से परिचित हैं, उन्हें दृढ़ विश्वास है कि विश्व की समस्त समस्याओं का समाधान यदि किसी एक जगह है, तो वह भारतीय परंपरा में ही है।
अमित शाह ने कहा कि आध्यात्मिक रूप से भारत का पुनर्निर्माण केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए कल्याणकारी होगा। स्वामी विवेकानंद जी, महर्षि अरविंद जी और पूजनीय पंडित राम शर्मा जी जैसे सभी महान द्रष्टाओं ने अपनी ओजस्वी वाणी में यह विश्वास व्यक्त किया है कि जब भारत अपने पूर्ण तेज के साथ जागृत होगा, तो वह पूरे विश्व को और समस्त ब्रह्मांड को तेजोमय बना देगा। अमित शाह ने कहा कि ऐसे महान मनुष्यों और द्रष्टाओं की वाणी कभी विफल नहीं होती। उनके मुख से निकले सत्य वचनों को हम सभी को ब्रह्मा का वचन मानकर ही आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि पंडित राम शर्मा जी ने गायत्री मंत्र के माध्यम से भक्ति को मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकालकर आम लोगों के मुख और आत्मा तक पहुँचाने का कार्य किया।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि युगदृष्टा पंडित राम शर्मा आचार्य और वंदनीय माता भगवती देवी ने अपने जीवनकाल में ही अनेक युगों का कार्य करके दिखाया है। उन्होंने एक ऐसा वटवृक्ष बनाया, जिसकी छाया में आज 100 से अधिक देशों के 15 करोड़ से ज्यादा अनुयायी अध्यात्म के मार्ग पर चलते हुए अपनी आत्मा के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1925-26 से लेकर 2026 तक एक ही मार्ग पर, एक ही लक्ष्य के साथ न केवल एक व्यक्ति और एक विचार, बल्कि करोड़ों लोगों को साथ लेकर चलने से सिद्ध होता है कि पंडित जी के जीवन, उनके विचारों और कर्मों में कितनी ऊर्जा होगी। अमित शाह ने कहा कि पंडित जी के जाने के इतने वर्षों बाद भी अखंड ज्योति न केवल जलती रही, बल्कि उसने करोड़ों लोगों के हृदय में दीपक के रूप में स्थायी स्थान ले लिया है।
अमित शाह ने कहा कि 1925-26 राष्ट्रीय पुनर्जागरण का वर्ष रहा। उसी वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई और संघ भी अपनी जन्मशती मना रहा है। गीता प्रेस गोरखपुर भी अपनी स्थापना के 100 वर्ष मना रहा है और यह वंदनीय माता जी का भी जन्मशती वर्ष है। उन्होंने कहा कि एक ही वर्ष में इन सभी के सूत्रबद्ध होने का अर्थ है कि ईश्वर ने उस वर्ष को भारत के पुनर्जागरण के लिए ही निर्मित किया होगा।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि यह गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष का कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के लिए 100 वर्ष का जीवन एक प्रकार से पूर्णता माना जाता है, परंतु व्यक्ति-निर्माण और पुनर्जागरण के लिए जो संस्थाएँ कार्य करती हैं, उनके लिए यह शैशव काल होता है, जिसमें नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा जाता है। अमित शाह ने कहा कि आज गायत्री मंत्र, गायत्री उपासना और गायत्री साधना के साथ करोड़ों लोगों को पंडित राम शर्मा जी ने जोड़ा है। भारत पंडित राम शर्मा जी के उपकारों से कभी मुक्त नहीं हो पाएगा। उन्होंने करोड़ों लोगों को व्यक्ति-निर्माण के आंदोलन और भक्ति से जोड़ने, अध्यात्म के मार्ग पर प्रशस्त करने और गायत्री मंत्र को पुनर्जीवन प्रदान करने का कार्य किया। उन्होंने हर जाति, हर समाज और लिंग भेद के बिना, गायत्री मंत्र के माध्यम से हर आत्मा को कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने का रास्ता दिखाया। गृहह मंत्री ने कहा कि पंडित राम शर्मा जी ने महामना मदन मोहन मालवीय जी से गायत्री मंत्र के ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने की सीख प्राप्त की और उसे अपना जीवन-मंत्र बना लिया।
अमित शाह ने कहा कि 1971 में इस पुण्य भूमि पर ज्योति का प्राकट्य हुआ, शांतिकुंज की स्थापना हुई और गुरुदेव के बताए मार्ग पर करोड़ों लोगों ने चलना शुरू किया। उन्होंने कहा कि कोई धर्म, धर्माचार्य या दर्शन युग नहीं बदल सकता। पंडित जी ने सूत्र दिया कि ‘हम बदलेंगे, युग बदलेगा’, और इस सूत्र ने पूरे भारत को मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि जब तक व्यक्ति, राष्ट्र और समय नहीं बदलता, तब तक युग बदलने का सवाल ही नहीं उठता। यदि हर व्यक्ति अध्यात्म के मार्ग पर चल पड़े, तो युग परिवर्तन अपने आप हो जाता है। देखते-देखते 15 करोड़ परिवार इस आंदोलन से जुड़ गए। अमित शाह ने कहा कि ‘हम बदलेंगे, युग बदलेगा’ और गायत्री मंत्र दोनों के बीच गहरा संबंध है। गायत्री मंत्र मात्र संस्कृत में रचा गया मंत्र नहीं है, इस मंत्र के 24 अक्षर 24 सद्ग्रंथियों को जागृत करते हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र के 24 अक्षर 24 गुणों से संबंधित ग्रंथियों को संतुलित करते हैं, जब ये 24 गुण विकसित होते हैं, तो परमार्थ, वीरता और बुद्धि बढ़ती है। पद्मासन में बैठकर नाभि से बोला गया गायत्री मंत्र हमारे भीतर की सद्ग्रंथियों को जागृत कर उन्हें सक्रिय करता है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पंडित राम शर्मा जी ने ‘हम बदलेंगे, युग बदलेगा’ के नारे को गायत्री मंत्र के साथ जोड़ा। उन्होंने कहा कि ‘हम बदलेंगे, युग बदलेगा’ का संदेश देकर पंडित आचार्य शर्मा जी ने पूरे राष्ट्र को नई दिशा और संकल्प शक्ति दी। उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र की रचना पृथ्वी पर बसे मानव के कल्याण के लिए की गई थी, मगर धीरे-धीरे यह मात्र कर्मकांड बनकर रह गया था। पंडित राम शर्मा जी ने गायत्री मंत्र को वैज्ञानिक आधार देकर उसमें नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने कहा कि एक बार मन से प्रयोग करके देखिए—पंडित शर्मा जी के आशीर्वाद से स्वार्थ छूट जाएगा, परमार्थ बढ़ेगा, कायरता निकल जाएगी, हिंसा रहित वीरता अपना स्थान ले लेगी और बुद्धि सदमार्ग पर प्रभुत्व प्राप्त कर लेगी।
अमित शाह ने कहा कि ‘अखंड ज्योति’ पत्रिका बिना किसी विज्ञापन और बाहरी सहायता के 100 से अधिक भाषाओं में करोड़ों लोगों तक पहुँच रही है। यह पंडित राम शर्मा जी और वंदनीय माता जी की तपस्या का प्रत्यक्ष परिणाम है। गृह मंत्री ने कहा कि आज़ादी के आंदोलन से लेकर समाज सुधार तक, पंडित राम शर्मा जी ने राष्ट्रनिर्माण में अहम भूमिका निभाई। पंडित राम शर्मा जी ने नमक सत्याग्रह में भाग लिया, अंग्रेजों की लाठियाँ खाईं और आजादी के बाद समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ आंदोलन छेड़ा। उन्होंने जात-पात की बेड़ियाँ तोड़ीं, समाज को समानता का मार्ग दिखाया और महिलाओं को गायत्री मंत्र की उपासना करने का अधिकार प्रदान किया। उन्होंने दहेज मुक्त विवाह को अपनाने का आह्वान किया। रचनात्मक दृष्टि से समाज की कुरीतियों को दूर किया। व्यसन से मुक्ति और गंगा सफाई अभियान चलाने के साथ ही उन्होंने वृक्षारोपण का कार्य भी किया।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि राम शर्मा जी ने सूत्र दिया कि ‘अपने आप को सुधारना ही संसार की सबसे बड़ी सेवा है’। इस सूत्र ने अनेक लोगों के जीवन में प्रकाश भर दिया। उन्होंने कहा कि देश पर जब भी कोई संकट आता है—चाहे बाढ़ हो, भूकंप हो या महामारी—उस समय सेवा करने वाली संस्थाओं की सूची में गायत्री परिवार हमेशा आगे रहता है। मुट्ठी भर अन्न और समिधा दान से लेकर देशभर में समाज के उत्थान के लिए कार्य करने वाला यह संगठन अनुकरणीय सूत्र बन चुका है।
अमित शाह ने कहा कि जब 1990 में आचार्य श्री ने शरीर त्यागा, तो माताजी ने 15 लाख लोगों के बीच घोषणा की कि यह मिशन देव द्वारा संचालित मिशन है—यह रुकेगा नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने चित्रकूट में एक यज्ञ किया, जिसमें 1008 कुंडों में 10 लाख लोगों ने अपने व्यसनों से मुक्ति पाई। यह सनातन धर्म के इतिहास में पहला ऐसा अश्वमेध यज्ञ था जिसमें 10 लाख लोगों ने अपने व्यसनों की बलि चढ़ाई। इस आंदोलन ने सनातन धर्म को वैज्ञानिकता प्रदान करने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि पंडित राम शर्मा जी ने कहा था कि धर्म और विज्ञान एक-दूसरे के पूरक हैं, विरोधी नहीं। सनातन धर्म और विज्ञान तो एक-दूसरे के पूरक ही हैं। जिन्हें धर्म का ज्ञान नहीं है, वे इसे अंधविश्वास मानते हैं, जबकि जिन्हें धर्म का सच्चा ज्ञान है, वे इसे वैज्ञानिक रूप से आंक सकते हैं। आध्यात्म को तर्क की कसौटी पर कसने की पहली शुरुआत पंडित राम शर्मा जी ने ही की। उन्होंने कहा कि जब इस देश का युवा वेद-उपनिषद और पुराणों को आगे बढ़ाते हुए साथ में विज्ञान का आधार भी अपनाएगा, तब हम निश्चित रूप से हम आगे बढ़ेंगे। अमित शाह ने कहा कि गायत्री परिवार में बच्चों के एक हाथ में वेद और दूसरे हाथ में लैपटॉप देखकर यह स्पष्ट हो जाता है कि परंपरा और प्रगति साथ-साथ चल सकती हैं।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आजादी के आंदोलन का इतिहास इस देश के किशोरों और युवाओं के सामने रखा। गाँव-गाँव में स्वतंत्रता सेनानियों को खोजकर उनका महिमामंडन किया गया। आजादी के 75वें वर्ष में ‘अमृत काल’ की घोषणा की गई, जो आजादी के 75 से 100 वर्षों की यात्रा है। उन्होंने कहा कि जब हम सभी भारतीय 15 अगस्त 2047 को आजादी की शताब्दी मनाएँगे, तो एक ऐसे भारत की रचना करेंगे जो हर क्षेत्र में विश्व में सर्वप्रथम होगा। अमित शाह ने कहा कि मोदी जी ने एक पूर्ण विकसित, परंतु भौतिकता से परे आध्यात्मिकता के मार्ग पर अग्रसर भारत की संकल्पना प्रस्तुत की है। यह संकल्प अब 140 करोड़ लोगों का संकल्प बन चुका है। इस संकल्प को समाजसेवी संस्थाओं के बिना पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पूर्ण विकसित भारत बनाने और भारत माता को विश्व के सर्वोच्च स्थान पर विराजमान करने का संकल्प गायत्री परिवार का भी संकल्प है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बीते 10 वर्षों में देश में अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं। 550 वर्षों से रामलला अपमानित व्यवस्था में विराजमान थे, आज वहाँ अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है। औरंगजेब द्वारा तोड़ा गया काशी विश्वनाथ मंदिर आज पुनर्निर्मित होकर अपनी पूर्ण भव्यता में स्थापित हो गया है। 16 बार टूटने के बाद आज सोमनाथ का मंदिर अद्वितीय मान-मर्यादा के साथ सनातन की भव्य ध्वजा को शिखर तक पहुँचा रहा है। अमित शाह ने कहा कि धारा 370 हट चुकी है और देश कॉमन सिविल कोड के मार्ग पर आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि एक जमाने में लोग हिंदुत्व की बात करने में भी झिझकते थे, आज वे गर्व से अपने धर्म की बात करते हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज हरिद्वार में पतंजलि इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन भी किया।





