केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक जुलाई से पूरे भारत में लागू होने वाले तीन नये आपराधिक कानून के प्रभावी कार्यान्वयन के उद्देश्य से पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिलाने के लिए सभी राज्यों से मदद मांगी है। तीन नये आपराधिक कानून भारत में औपनिवेशिक परम्परा से ऐसी न्याय व्यवस्था के बीच संक्रमण का प्रतीक हैं जिसमें सभी की न्याय तक पहुंच संभव हो सके। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) को भेजे गए एक संदेश में गृह मंत्रालय ने कहा कि आधुनिक समय और समसामयिक प्रौद्योगिकियों के साथ तालमेल बिठाते हुए कई नए प्रावधानों को नए आपराधिक कानूनों में शामिल किया गया है। इन कानूनी प्रावधानों का लक्ष्य पुलिस एवं न्याय व्यवस्था में सुगमता लाना है।
भारत सरकार अनुसूचित जाति समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अपने आदर्श…
केरलम में मूसलाधार वर्षा से हुई तबाही के बीच मौसम विभाग ने राज्य के 12…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति के…
जुलाई 2026 में भारत के कोयला उत्पादन में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना…
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने तीन अनुसंधान संस्थानों और 33 राज्य जैव विविधता बोर्डों…