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आईसीएटी ने 15-मीटर लंबी मल्टी-एक्सल स्लीपर बस के लिए पहला अनुपालन प्रमाण-पत्र जारी किया

मानेसर, हरियाणा: भारत के यात्री परिवहन क्षेत्र से संबंधित एक अहम घटनाक्रम में, इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईसीएटी) ने केन्द्रीय मोटर वाहन नियम (सीएमवीआर) के स्वीकार्य प्रावधानों के अनुरूप एआईएस-119 और एआईएस-153 के तहत 15-मीटर लंबी मल्टी-एक्सल स्लीपर बस के लिए अपना पहला अनुपालन प्रमाण-पत्र जारी किया है।

यह प्रमाण-पत्र सिनाटी ऑटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड को उसकी 15-मीटर लंबी मल्टी-एक्सल स्लीपर बस के लिए दिया गया है। यह उपलब्धि यात्री परिवहन श्रेणी में स्वीकार्य बस बॉडी की सबसे लंबी संरचना में से एक की जांच एवं प्रमाणन की दिशा में एक अहम पड़ाव है।

आईसीएटी के निदेशक सौरभ दलेला ने आईसीएटी के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सिनाटी ऑटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नरेश कुमार यादव को औपचारिक रूप से यह प्रमाण-पत्र सौंपा।

लंबी दूरी की यात्रा के लिए उन्नत संरचना

इस वाहन को लंबी दूरी तक यात्रियों को ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें संरचनात्मक मजबूती, आपातकालीन सुरक्षा, आग से सुरक्षा, यात्रियों की आवाजाही और यात्रा के दौरान आराम जैसी सुविधाओं पर खास ध्यान दिया गया है।

इस बस में 42 बर्थ (पूरी तरह से स्लीपर वाले प्रकार के लिए) और 21 बर्थ + 42 सीटों (हाइब्रिड स्लीपर वाले प्रकार के लिए) की क्षमता है, जो लंबी दूरी की यात्रा के लिए एक समन्वित समाधान प्रदान करती है।

इसे संबंधित ऑटोमोटिव मानकों और सीएमवीआर के तहत निर्धारित वाहन सुरक्षा, संरचनात्मक मजबूती, यात्रियों के बैठने की जगह और आराम से जुड़ी जरूरी शर्तों के आधार पर जांचा और प्रमाणित किया गया है।

यात्री वाहनों की सुरक्षा को मजबूत करना

एआईएस-119 और एआईएस-153 के तहत यह प्रमाणन, उन्नत यात्री वाहन संरचना का मूल्यांकन करने और निर्धारित विनियामक व तकनीकी जरूरतों को पूरा करने में निर्माताओं की मदद करने की आईसीएटी की क्षमता को दर्शाता है।

इस अवसर पर बोलते हुए, आईसीएटी के निदेशक सौरभ दलेला ने कहा:

“यह प्रमाणन आईसीएटी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और यह उन्नत यात्री वाहनों की जांच और प्रमाणन के मामले में हमारी तकनीकी क्षमताओं को दर्शाता है। यह यात्रियों की सुरक्षा, नियमों के अनुपालन और तकनीकी प्रगति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। आईसीएटी सुरक्षित, अधिक भरोसेमंद और तकनीकी रूप से उन्नत आवागमन संबंधी समाधान विकसित करने में भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग का समर्थन करना जारी रखेगा।”

सिनाटी ऑटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नरेश कुमार यादव ने इस प्रमाणन के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह उपलब्धि लंबी दूरी के यात्री परिवहन के लिए सुरक्षित, भरोसेमंद और आरामदायक समाधान विकसित करने की कंपनी की कोशिशों को और मजबूत करेगी।

आईसीएटी भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग को वाहनों की सुरक्षा, नियमों के अनुपालन और तकनीकी नवाचार को बेहतर बनाने में मदद करने हेतु जांच, प्रमाणन और अनुमोदन (होमोलोगेशन) संबंधी सेवाएं देना जारी रखे हुए है।

यह प्रमाणन भारत में सुरक्षित, नियमों के अनुरूप और उन्नत यात्री परिवहन वाहनों के विकास में आईसीएटी के निरंतर योगदान की दिशा में एक और अहम कदम है।

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