भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इंडिया-एआई मिशन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सहयोग से स्वास्थ्य प्रणालियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रभावशाली और स्केलेबल अनुप्रयोगों पर प्रकाश डालने वाले सार-संक्षेपों के लिए एक वैश्विक आह्वान की घोषणा की है। चयनित प्रविष्टियों को “वैश्विक दक्षिण में एआई स्वास्थ्य उपयोग के मामलों पर केसबुक” में एक अध्याय लिखने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसका विमोचन फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में किया जाएगा।
इंडिया-एआई और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा संयुक्त रूप से विकसित यह केसबुक वैश्विक दक्षिण में सफलतापूर्वक कार्यान्वित एआई समाधानों को दोहराने और उनका विस्तार करने की इच्छा रखने वाले नीति निर्माताओं, नवप्रवर्तकों और शोधकर्ताओं के लिए एक व्यापक संदर्भ के रूप में काम करेगी। वास्तविक दुनिया के अनुभवों और सीखों को समाहित करने वाले इस केसबुक का उद्देश्य ज़िम्मेदार एआई अपनाने को मज़बूत करना और स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों में डिजिटल परिवर्तन को गति देना है।
वैश्विक दक्षिण के शोधकर्ताओं, नवप्रवर्तकों और संस्थानों से 31 अक्टूबर 2025 तक स्वास्थ्य उपयोग के मामलों में सफल, कार्यान्वयन योग्य, स्केलेबल एआई पर सारांश (अधिकतम 250 शब्द) प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिशानिर्देश और आवेदन पत्र https://impact.indiaai.gov.in/events/who पर उपलब्ध हैं।
प्रासंगिकता, गुणवत्ता और केसबुक के लक्ष्यों के साथ संरेखण के आधार पर चुने गए योगदानकर्ताओं को एआई समाधान, तैनाती रणनीति, नैतिक विचारों, प्राप्त प्रभाव और सीखे गए सबक का विवरण देते हुए पूर्ण अध्याय (2,500-3,000 शब्द) प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
महत्वपूर्ण तिथियां
संयुक्त राष्ट्र ने भारत में ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के तीसरे चरण-जीईसी-3 को मंजूरी मिलने का…
अमरीका के मिलवॉकी में जी-20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के समापन पर भारत ने वैश्विक…
जी-7 देशों ने बढ़ती तेल और डीजल की कीमतों को कम करने के लिए बड़ा…
भारतीय नौसेना का अग्रिम पंक्ति का निर्देशित प्रक्षेपास्त्र स्टील्थ युद्धपोत 'त्रिशूल' भूमध्य सागर, अटलांटिक और…
भारत में बाघ संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, आज केंद्रीय पर्यावरण,…
मादक पदार्थों और मनोसक्रियक पदार्थों की अवैध तस्करी और तस्करों पर रोक लगाने के अपने…