भारत और फिनलैंड के बीच आज नई दिल्ली में पर्यावरण सहयोग, प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी तथा सांख्यिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फिनलैंड के राष्ट्रपति आलेक्सांदर स्तूब के साथ कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। उन्होंने बहुपक्षीय मंचों में सहयोग सहित पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए।
संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज दुनिया अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। आज विश्व एक अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। ऐसे ग्लोबल एन्वायरमेंट मे भारत और यूरोप दुनिया की दो बड़ी डिप्लोमेटिक पावर्स अपने संबंधों के सुनहरे दौर में प्रवेश कर रहे हैं। हमारा बढ़ता सहयोग, वैश्विक स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि को नई मजबूती दे रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फिनलैंड इस बात पर सहमत हैं कि केवल सैन्य संघर्ष से किसी भी मुद्दे का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भारत और फिनलैंड कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने उल्लेख किया कि भारत-यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते से भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश तथा तकनीकी सहयोग और मजबूत होगा।
2026 की शुरूआत में ऐतिहासिक भारत यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ। ये एग्रीमेंट भारत और फिनलैंड के बीच ट्रेड, इन्वेस्टमेंट और टैक्नोलॉजी सहयोग को और प्रबल करेगा। डिजिटल टैक्नोलॉजी, इन्फ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनबिलिटी जैसे क्षेत्रों में भारत और फिनलैंड महत्वपूर्ण साझेदार हैं।
फिनलैंड के राष्ट्रपति आलेक्सांदर स्तूब ने कहा कि भारत विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक है और विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। मुझे कहना होगा कि जब आप यह कहते हैं कि आप यहाँ दो बड़ी लोकतांत्रिक देशों के रूप में खड़े हैं, तो मैं आपकी कूटनीतिक क्षमता को सलाम करता हूँ। इसका मुख्य संदेश है कि हम समान मूल्यों को साझा करते हैं। मैं आपके नेतृत्व के लिए आपको बधाई भी देना चाहूँगा। भारत स्पष्ट रूप से दुनिया के सबसे बड़े और सबसे प्रभावशाली देशों में से एक है, और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। अब भारत यूरोप का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बन चुका है।
फिनलैंड के राष्ट्रपति चार दिन की राजकीय यात्रा पर कल नई दिल्ली पहुंचे। वे राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे। वे उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से भी मिलेंगे। राष्ट्रपति स्तूब आज शाम राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित होने वाले 11वें रायसीना डॉयलाग 2026 में मुख्य अतिथि और प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल होंगे।
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