भारत सरकार और कोरिया गणराज्य ने नई दिल्ली में ‘भारत में मेकाट्रोनिक्स में व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण का सुदृढ़ीकरण’ नामक तकनीकी सहयोग परियोजना के लिए नोट्स के आदान-प्रदान पर हस्ताक्षर किए। यह परियोजना कोरिया गणराज्य सरकार की कोरिया अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (केओआईसीए) के सहयोग से कार्यान्वित की जाएगी। यह भारत में केओआईसीए के सहयोग से कार्यान्वित की जाने वाली पहली परियोजना है।
हस्ताक्षरकर्ताओं में भारत सरकार की ओर से वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग में अतिरिक्त सचिव मनीषा सिन्हा और कोरिया गणराज्य की ओर से भारत में कोरिया गणराज्य के राजदूत एच. ई. ली सेओंग-हो थे।
परियोजना, जिसका कार्यकाल दो वर्ष का है, का उद्देश्य भारत में मेकाट्रोनिक्स में व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण का आधार स्थापित करना है और इसे एनसीईआरटी की ओर से क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (आरआईई), भोपाल में कार्यान्वित किया जाएगा, जहां यह पायलट शिक्षा हेतु वातावरण बनाने, मेकाट्रोनिक्स में पाठ्यक्रम, पाठ्यपुस्तकें, शिक्षक मैनुअल और उपकरण तैयार करने में सहयोग करेगी। यह परियोजना मेकाट्रोनिक्स में शिक्षकों की क्षमता निर्माण में मदद करेगी, साथ ही उद्योग और आरआईई, भोपाल के बीच नेटवर्किंग की सुविधा भी प्रदान करेगी।
कोरिया गणराज्य को अक्टूबर, 2016 में विकास सहयोग के लिए भारत के आधिकारिक विकास सहायता (ओडीए) भागीदार के रूप में नामित किया गया था। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को साल 2015 में ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ में अपग्रेड किया गया था। नोट्स के आदान-प्रदान पर हस्ताक्षर एनसीईआरटी परियोजना भारत और कोरिया गणराज्य के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करेगी।
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