भारत और फ्रांस अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहे हैं। दोनों देशों की कंपनियों ने तीन नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार पेरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सम्मेलन में इन समझौतों की घोषणा की गई। इनमें उपग्रह प्रक्षेपण, अंतरिक्ष निगरानी और माइक्रोसैटेलाइट तकनीक से जुड़े समझौते शामिल हैं।
इनमें फ्रांस की सफ्रान स्पेस और भारत की ध्रुव स्पेस के बीच 50 लाख यूरो से अधिक के अनुबंध शामिल हैं। इनका इस्तेमाल भारत की प्रस्तावित 52 उपग्रहों वाली अंतरिक्ष निगरानी प्रणाली में की जाने वाली तकनीकों के लिए किया जाएगा। इस प्रणाली के अंतर्गत वर्ष 2027 से 2030 के बीच उपग्रह तैनात किए जाने की योजना है।
एक अन्य प्रमुख समझौते में फ्रांस की प्रक्षेपण सेवा कंपनी राइड भारत की कंपनी टेकमीटूस्पेस के दो उपग्रहों का प्रक्षेपण करेगी। यह समझौता राइड और भारतीय अंतरिक्ष कंपनियों के बीच कई वर्षों से जारी सहयोग का विस्तार है।
इन साझेदारियों का उद्देश्य भारत की स्वदेशी अंतरिक्ष क्षमताओं को मजबूत करना है। इससे फ्रांस के उद्योग और भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के बीच सहयोग और बढ़ेगा।
दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में पांच दशक से अधिक समय से सहयोग चला आ रहा है। यह सहयोग भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो और फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी सीएनईएस के बीच साझेदारी पर आधारित है।
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