देश का विदेशी मुद्रा भंडार 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान चार अरब 88 करोड़ डॉलर से अधिक बढ़कर 728 अरब 49 करोड़ डॉलर से ऊपर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार का प्रमुख घटक स्वर्ण भंडार का मूल्य चार अरब 14 करोड़ डॉलर से अधिक बढ़कर 131 अरब 33 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया।
विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (एफसीए) 561 मिलियन डॉलर बढ़कर 573 अरब 12 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। डॉलर के संदर्भ में व्यक्त किए जाने वाले एफसीए में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे यूरो, पाउंड और येन सहित गैर-अमेरिकी मुद्रा इकाइयों के मूल्य में वृद्धि या मूल्यह्रास का प्रभाव भी शामिल होता है।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष में केंद्रीय बैंक की स्थिति भी 158 मिलियन डॉलर से बढ़कर 4 अरब 87 करोड़ डालर पर पहुंच गया। विशेष आहरण अधिकार – एसडीआर का मूल्य 26 मिलियन डॉलर बढ़कर 18 अरब 86 करोड़ अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा भंडार हर देश के लिए महत्वपूर्ण होता है। इससे वहां के आर्थिक स्वास्थ्य का स्पष्ट संकेत मिलता है तथा यह एक स्थिर मुद्रा विनिमय दर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भारत ने बगदाद में 17 और 18 अक्तूबर को हुई इस्लामिक सहयोग संगठन-ओआईसी के विदेश…
भारत ने गैर-जीवाश्म ईंधन से संचालित बिजली उत्पादन की क्षमता 300 गीगावाट का आंकड़ा पार…
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम,…
देश में आज महाअष्टमी और महानवमी मनाई जा रही है। उत्तर प्रदेश में भी आज…
इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने भारत, लैटिन अमरीका और अन्य देशों के साथ संबंध…
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ ने देश में हिंसक प्रदर्शनों से उत्पन्न सुरक्षा नाकामियों पर…