भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) इस महीने की 30 तारीख़ को स्पेडेक्स मिशन को लांच करेगा। इसके तहत अंतरिक्ष में डॉकिंग के लिए श्रीहरिकोटा में ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान-पीएसएलवी से दो छोटे उपग्रह छोड़े जाएंगे। एक अंतरिक्ष-यान के दूसरे अंतरिक्ष यान से जुड़ने को डॉकिंग और अंतरिक्ष में जुड़े दो यानों के अलग होने को अनडॉकिंग कहते हैं।
स्पेडेक्स कम खर्च वाली तकनीक है जो चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्री को उतारने, चंद्रमा से नमूना लाने और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण के लिए ज़रूरी है। इस मिशन की सफलता से भारत स्पेस डॉकिंग तकनीक वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।
कोच्चि स्थित आईसीएआर-सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईसीएआर-सीएमएफआरआई) ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि…
विश्वस्तरीय राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारतीय…
बंगाल की खाड़ी पर बना निम्न दबाव उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा के दक्षिणी तट…
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कल न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र…
राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर नीट पीजी-2026 का परिणाम घोषित…
भारतीय रेल ने पश्चिम रेलवे के वडोदरा डिवीजन (मंडल) के अलकापुरी में 166.5 करोड़ रुपये…