पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा वायु सेना स्टेशन पर 21 अक्टूबर, 2024 को भारतीय वायु सेना (आईएएफ) और सिंगापुर वायु सेना (आरएसएएफ) ने संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण (जेएमटी) अभ्यास के 12वें संस्करण की शुरुआत की।
अभ्यास का द्विपक्षीय चरण 13 से 21 नवंबर 2024 तक आयोजित किया जाएगा जिससे दोनों सेनाओं के बीच अधिक सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। इसमें एयर काम्बेट सिमुलेशन, ज्वाइंट मिशन प्लानिंग और डीब्रीफिंग सत्र होंगे। द्विपक्षीय चरण का उद्देश्य अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ाना, युद्ध की तैयारी को तेज करना और दोनों वायु सेनाओं के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।
आरएसएएफ अब तक की अपनी सबसे बड़ी टुकड़ी के साथ भाग ले रही है, जिसमें एफ-16, एफ-15 स्क्वाड्रन के एयरक्रू और सहायक कर्मी शामिल हैं, इसके साथ ही जी-550 एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (एईडब्लूएंडसी) और सी-130 विमान भी शामिल हैं। अभ्यास में भारतीय वायुसेना राफेल, मिराज 2000 आईटीआई, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस, मिग-29 और जगुआर विमानों के साथ हिस्सा लेगी।
इस संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण का आयोजन दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित द्विपक्षीय समझौते के तहत किया गया है, जो दोनों वायु सेनाओं के बीच बढ़ते पेशेवर सहयोग को दर्शाता है। हवाई संचालन के अलावा, दोनों देशों की वायु सेना के अधिकारी और कर्मचारी सर्वोत्तम विधियों का आदान-प्रदान करेंगे, क्योंकि वे अगले सात हफ्तों में कई खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी हिस्सा लेंगे।
जेएमटी-2024 कई वर्षों के सहयोग और संयुक्त अभ्यासों के साथ-साथ भारत और सिंगापुर के बीच आपसी सहयोग से उत्पन्न हुए मजबूत द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को दर्शाता है।
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