भारत

पीएम गतिशक्ति के तहत नेटवर्क योजना समूह की 87वीं बैठक में प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया

नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) की 87वीं बैठक में पांच परियोजनाओं (1 मेट्रो, 1 आरआरटीएस, 2 सड़क और 1 हवाई अड्डा) का मूल्यांकन किया गया, जो एकीकृत मल्टीमॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्थिक और सामाजिक नोड्स के लिए अंतिम-मील कनेक्टिविटी और इंटरमॉडल समन्वय के पीएम गतिशक्ति सिद्धांतों के अनुरूप हैं। इन पहलों से रसद दक्षता को बढ़ावा मिलने, यात्रा के समय को कम करने और क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के संयुक्त सचिव ई. श्रीनिवास की अध्यक्षता में मेट्रो, आरआरटीएस, सड़क और हवाईअड्डा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के मूल्यांकन के लिए बैठक बुलाई गई थी। इसमें पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (पीएमजीएस एनएमपी) के अनुरूप मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया था।

इन परियोजनाओं का मूल्यांकन और प्रत्याशित प्रभाव नीचे वर्णित हैं:

दिल्ली – पानीपत – करनाल नमो भारत परियोजना (आरआरटीएस कॉरिडोर)

दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत परियोजना, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। यह दिल्ली में सराय काले खां और हरियाणा में करनाल के बीच लगभग 136.30 किलोमीटर तक फैली एक ग्रीनफील्ड पहल है। इस गलियारे को 90 किमी प्रति घंटे की औसत गति से संचालित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो परिवहन के मौजूदा साधनों की तुलना में काफी तेज़ पारगमन विकल्प प्रदान करेगा। इस परियोजना से यात्रा का समय मौजूदा 3.5-4 घंटे से घटकर लगभग 90 मिनट रह जाने की उम्मीद है, जिससे दिल्ली और हरियाणा के प्रमुख केंद्रों के बीच संपर्क बेहतर होगा।

इसे अन्य नमो भारत कॉरिडोर के साथ अंतर-संचालन के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे सराय काले खां में आम नमो भारत स्टेशन जैसे प्रमुख केंद्रों पर निर्बाध मल्टीमॉडल एकीकरण सुनिश्चित होगा। इसके अलावा, यह परियोजना प्रमुख रेलवे, मेट्रो, बस और हवाई अड्डे के नेटवर्क से जुड़कर परिवहन के कई साधनों को एकीकृत करेगी, जिससे लोगों को निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी।

पुणे मेट्रो लाइन 4: खराड़ी-खडकवासला, नाल स्टॉप-वारजे-माणिक बाग की स्पर लाइन के साथ

पुणे मेट्रो लाइन 4: खराडी – हडपसर – स्वर्गेट – खडकवासला, नल स्टॉप – वारजे – माणिक बाग से एक स्पर लाइन के साथ आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित है और महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा कार्यान्वित की गई है। यह परियोजना लगभग 31.64 किमी तक फैली हुई है। वर्तमान डीपीआर चरण के एकीकृत डिजाइन में परिचालन और प्रस्तावित मेट्रो लाइनों के साथ-साथ फीडर मार्गों के साथ इंटरचेंज शामिल हैं। इससे सभी तरह की सवारियों को बढ़ावा मिलने और निर्बाध मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

महबूबनगर आर्थिक गलियारा

“एनएच-167 के गुडेबेलूर-मरीकल-हसनपुर/पोटुलामदुगु खंड के चार लेन का विकास” सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत एक ब्राउनफील्ड राजमार्ग परियोजना है। इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा क्रियान्वित किया गया है। तेलंगाना के नारायणपेट और महबूबनगर जिलों में स्थित इस परियोजना का उद्देश्य मौजूदा एनएच-167 कॉरिडोर को अपग्रेड करना और पुनर्संरेखित करना है। इसमें 90.37 किलोमीटर की डिज़ाइन लंबाई पर चार लेन की संरचना में प्रमुख शहरों के आसपास के बाईपास शामिल हैं। हैदराबाद-पणजी आर्थिक गलियारे के एक प्रमुख घटक के रूप में यह पहल हैदराबाद और रायचूर के बीच अंतर-राज्यीय संपर्क में भी सुधार करेगी।

मुंगियाकामी-चंपकनगर (एनएच-08 कॉरिडोर)

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित तथा राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना एवं विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) द्वारा कार्यान्वित इस परियोजना का उद्देश्य त्रिपुरा में मुंगियाकामी से चंपकनगर तक मौजूदा एनएच-08 कॉरिडोर को बेहतर बनाना और चौड़ा करना है। डिजाइन के अनुसार 25.45 किलोमीटर की लंबाई को कवर करते हुए, इस परियोजना में मौजूदा सड़क को चार लेन के राजमार्ग में अपग्रेड करना शामिल है। इसमें निर्मित क्षेत्रों में भीड़भाड़ कम करने के लिए आवश्यक बाईपास और पुनर्संरेखण शामिल हैं। इस परियोजना से पश्चिम त्रिपुरा और खोवाई जिलों में कनेक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद है, जिससे प्रमुख आर्थिक और सामाजिक नोड्स एकीकृत होंगे और क्षेत्रीय अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी का समर्थन होगा।

“महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्याधाम” का विकास (चरण-II)

महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, अयोध्या के दूसरे चरण के विस्तार का उद्देश्य इस क्षेत्र में हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को पूरा करना है। मौजूदा टर्मिनल में व्यस्त समय के दौरान 674 यात्रियों की क्षमता है और सालाना 1 मिलियन यात्रियों की क्षमता है। यहां यात्री यातायात में होने वाली संभावित वृद्धि को देखते हुए एक नया एकीकृत टर्मिनल भवन बनाया जाएगा। नए टर्मिनल को 2046-47 तक व्यस्त समय में 4,000 यात्रियों को संभालने और सालाना 6 मिलियन यात्रियों को समायोजित करने के लिए डिज़ाइन किया जाएगा। इस परियोजना में रनवे को मजबूत करना और विस्तारित करना, अतिरिक्त पार्किंग बे, एक बहु-स्तरीय कार पार्क, फायर स्टेशन, एटीसी टॉवर और शहर की ओर से बेहतर पहुंच का निर्माण करना भी शामिल है।

Editor

Recent Posts

आंध्र प्रदेश और ओडिशा के ऊपर बना गहरा दबाव अब कमजोर होकर निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल गया

उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर बना गहरा दबाव अब…

4 घंटे ago

NCSC अध्यक्ष ने SC छात्र की मृत्यु के संबंध में IIT बॉम्बे में मौके पर जांच की

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे…

6 घंटे ago

FSSAI ने केवल दूध से प्राप्त उत्पादों को ‘पनीर’ के रूप में प्रदर्शित किए जाने को सुनिश्चित करने के लिए मसौदा संशोधन प्रस्तावित किया

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री पर निषेध…

6 घंटे ago

भारत ने 14 वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के आर्थिक मंत्रियों एवं 23 वें आसियान-भारत आर्थिक मंत्री परामर्श में भाग लिया

वाणिज्य विभाग के अपर सचिव नितिन कुमार यादव के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने मनीला,…

6 घंटे ago

DRDO ने TDF योजना के तहत स्टार्ट-अप जीरो एमके इंडिया के साथ एक उच्च-मूल्य वाली गहन-प्रौद्योगिकी परियोजना के लिए समझौता किया

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीडीएफ) योजना के तहत स्टार्ट-अप…

6 घंटे ago

ICAR-CMFRI ने उपभोक्ताओं को किसी खास इलाके की मछलियों में परजीवी मिलने की खबरों के आधार पर टूना मछली खाना न छोड़ने की सलाह दी

कोच्चि स्थित आईसीएआर-सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईसीएआर-सीएमएफआरआई) ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि…

19 घंटे ago