आत्मनिर्भर भारत और मेक-इन-इंडिया के तहत भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना के लिए लगभग 1950 करोड़ रुपये की लागत वाली दो माउंटेन रडार, संबंधित उपकरण और आवश्यक बुनियादी ढांचे की खरीद हेतु भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण पूंजी अधिग्रहण अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। बाय (भारतीय स्वदेशी डिजाइन, विकास और निर्माण) श्रेणी के तहत इस अनुबंध पर 31 मार्च, 2026 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
यह माउंटेन रडार रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के इलेक्ट्रॉनिक्स और रडार विकास प्रतिष्ठान द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है और इसका निर्माण बीईएल द्वारा किया जाएगा। इन रडारों की स्थापना और चालू होने से देश की हवाई रक्षा को बढ़ावा मिलेगा और राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी। इस खरीद से विदेशी उपकरणों पर निर्भरता भी कम होगी।
भारत एशिया कप महिला क्रिकेट के फाइनल में पहुंच गया है। सेमीफाइनल में कल भारत…
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने यूजीसी नेट जून 2026 की अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की…
ट्रम्प प्रशासन ने एच-1बी कर्मचारियों और कई अन्य रोजगार-आधारित वीजा धारकों को नौकरी जाने के…
नई दिल्ली में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कल भारत मंडपम में शुरू होगा। दो दिन…
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज…
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत को दुनिया की आर्थिक वृद्धि का एक प्रमुख आधार बताया…