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MoUs were signed with Porter and Gigin Technologies to enhance employment opportunities through the NCS portal.
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NCS पोर्टल के माध्यम से रोजगार माध्यम बढ़ाने के लिए पोर्टर और गिगिन टेक्नोलॉजीज के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने आज केंद्रीय श्रम एवं रोजगार एवं युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव वंदना गुरनानी की उपस्थिति में पोर्टर और गिगिन टेक्नोलॉजीज के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय कैरियर सेवा (एनसीएस) पोर्टल के माध्यम से रोजगार के अवसरों का विस्तार करना और डिजिटल नौकरी मिलान को मजबूत करना है।

इस अवसर पर, श्रम एवं रोजगार एवं युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा, “एनसीएस प्लेटफॉर्म युवाओं के लिए उनकी कौशल क्षमता के अनुरूप रोजगार के अवसर तलाशने का एक प्रभावी और संपूर्ण समाधान बनकर उभरा है। पोर्टल पर वर्तमान में 7 लाख से अधिक रिक्तियां सक्रिय हैं और लगभग 59 लाख प्रतिष्ठान एनसीएस पर पंजीकृत हैं, इससे युवा नौकरी चाहने वालों के लिए अनेक अवसर खुल गए हैं।” केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि एनसीएस की गिगिन और पोर्टर प्लेटफॉर्म के साथ साझेदारी सभी हितधारकों के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी सिद्ध होगी और एनसीएस पोर्टल को और सशक्त बनाएगी।

डॉ. मांडविया ने एनसीएस पोर्टल के ई-माइग्रेट, एसआईडीएच और माय भारत प्लेटफॉर्म के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के पोर्टलों के साथ एकीकरण पर प्रकाश डाला। इससे यह वास्तव में व्यापक और परिवर्तनकारी पहुंच वाला पोर्टल बन गया है। कौशल अंतर की समस्या को दूर करने की आवश्यकता पर बल देते हुए, उन्होंने एनसीएस के साथ-साथ गिगिन और पोर्टर से पंजीकृत नौकरी चाहने वालों को सॉफ्ट स्किल्स में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए तंत्र विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने सुझाव दिया, “नौकरी चाहने वालों की मांग और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किए गए अल्पकालिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, कौशल अंतर को पाटने और हमारे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने में बहुत सहायक होंगे।”

श्रम एवं रोजगार सचिव वंदना गुरनानी ने एनसीएस पोर्टल के व्यापक पैमाने और प्रभाव के बारे में कहा कि इसकी स्थापना के बाद से ही इसने 6 करोड़ से अधिक नौकरी चाहने वालों को पंजीकृत करने के साथ ही 9 करोड़ से अधिक रिक्तियों को सृजित किया है। यह भारत के रोजगार तंत्र के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में इसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पोर्टर और गिगिन टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी से बढ़ी हुई भागीदारी और सहयोग के माध्यम से इस मंच को और मजबूती मिलेगी। सचिव ने इस पहल को सफल बनाने में दोनों भागीदारों की सक्रिय भागीदारी की आशा व्यक्त की और कहा कि यह सहयोग देश भर में बड़ी संख्या में युवा नौकरी चाहने वालों के लिए स्थायी और सम्मानजनक आजीविका के अवसर खोलेगा, इससे अधिक समावेशी और भविष्य के लिए तैयार श्रम बाजार में योगदान मिलेगा।

स्मार्टशिफ्ट लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (पोर्टर) के प्रतिनिधि ने बताया कि पोर्टर एक अग्रणी प्रौद्योगिकी-आधारित माल परिवहन एजेंसी है जो तकनीकी प्लेटफार्मों के माध्यम से निर्बाध और टिकाऊ शहरी लॉजिस्टिक्स सेवाएं प्रदान करती है। एनसीएस पोर्टल के साथ अपनी साझेदारी के माध्यम से, पोर्टर ड्राइविंग और लॉजिस्टिक्स से सम्बंधित अवसरों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देगा, पोर्टल की व्यापक पहुंच का लाभ उठाते हुए संभावित श्रमिकों और सेवा प्रदाताओं के लिए संरचित और पारदर्शी आजीविका के अवसरों तक वास्तविक समय में पहुंच प्रदान करेगा। पोर्टर का लक्ष्य लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में रोजगार के लिए एक संरचित और विस्तार योग्य मार्ग तैयार करने के लिए एनसीएस प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 6 लाख अवसर और 2030 तक लगभग 30 लाख अवसर सृजित करना है।

गिगिन के प्रतिनिधि ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म एक बहुआयामी प्रौद्योगिकी इको-सिस्टम के रूप में कार्य करता है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सत्यापन बुद्धिमत्ता और सर्वव्यापी पहुंच का उपयोग करके सम्मानजनक और सत्यापित रोजगार के अवसर प्रदान करता है। यह समझौता ज्ञापन सरकार के रोजगार सुविधा तंत्र के साथ डिजिटल भर्ती और सत्यापित नौकरी मिलान को एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सहयोग के तहत, गिगिन प्रतिवर्ष कम से कम 2-3 लाख प्रामाणिक रोजगार के अवसर सृजित करने और 1.5 लाख से अधिक नियोक्ताओं के साथ जुड़ने में सहायता करेगा। इस साझेदारी के माध्यम से, नौकरी की सत्यापित सूचियां और नियोक्ता संपर्क एनसीएस पोर्टल के माध्यम से प्रसारित किए जाएंगे। इससे पंजीकृत उम्मीदवारों के लिए पारदर्शी, विश्वसनीय और भरोसेमंद रोजगार के अवसरों तक पहुंच का विस्तार होगा। इस पहल से नौकरी मिलान की दक्षता में सुधार, नियोक्ताओं की भागीदारी में वृद्धि और पहुंच में विस्तार होने की उम्मीद है। इससे अधिक समावेशी, प्रौद्योगिकी-सक्षम और उत्तरदायी श्रम बाजार इको-सिस्टम में योगदान मिलेगा।

इन सहयोगों से पहुंच मजबूत होने, रोजगार के अवसरों की जानकारी बढ़ाने और प्रौद्योगिकी-आधारित एवं पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से श्रम बाजार में अधिक समावेश को बढ़ावा मिलने की आशा है। देश भर में समावेशी, सुरक्षित और डिजिटल रूप से सक्षम आजीविका को बढ़ावा देने के मंत्रालय के दृष्टिकोण के अनुरूप, ये सहयोग नवोन्मेषी भारतीय कंपनियों के साथ काम करने और देश के कार्यबल के लिए टिकाऊ, सम्मानजनक, सुलभ और भविष्य के लिए तैयार रोजगार मार्ग सृजित करने हेतु डिजिटल नवाचार और विश्वसनीय साझेदारियों का लाभ उठाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

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