वाणिज्यिक वाहन चालकों और फ्लीट संचालकों के लिए ‘आवागमन को सुगम बनाने’ की पहल के तहत, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा समर्थित भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल) ने नई दिल्ली स्थित एनएचएआई के मुख्यालय में वाणिज्यिक वाहन एग्रीगेटर प्लेटफॉर्मों के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले वाणिज्यिक वाहन चालकों और फ्लीट संचालकों की सुरक्षा, दक्षता और समग्र उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने हेतु अंतर-संचालनीय एवं प्रौद्योगिकी पर आधारित उपायों का लाभ उठाना है। इस समझौता ज्ञापन पर एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव और आईएचएमसीएल के सीएमडी विशाल चौहान की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर एनएचएआई व आईएचएमसीएल के वरिष्ठ अधिकारी और व्हील्सआई टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, ब्लैकबक लिमिटेड, ट्रक्सअप सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, ट्रकसुविधा – सर्वोदय इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड और सैफ्रॉन नेविगेटर्स प्राइवेट लिमिटेड सहित पांच एग्रीगेटर प्लेटफॉर्मों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। एनएचएआई के अध्यक्ष ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित एवं जिम्मेदार ड्राइविंग से जुड़ी कार्यप्रणालियों का पालन करने वाले वाणिज्यिक चालकों को ‘विशिष्ट सारथी’ सम्मान से सम्मानित भी किया।
इस सहयोग के तहत, वाणिज्यिक वाहन एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म समय पर और प्रभावी सुरक्षा संबंधी संचार सुनिश्चित करने हेतु ‘राजमार्गयात्रा ऐप’ को एकीकृत करेंगे। इससे चालकों को दुर्घटना की संभावना वाले मार्गों, वैकल्पिक मार्गों, निर्माण कार्य वाले क्षेत्रों, आवारा पशुओं की उपस्थिति और प्रतिकूल मौसम की जानकारी सहित सुरक्षा संबंधी चेतावनियों का वास्तविक समय में प्रसार करने में मदद मिलेगी। एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म ‘राजमार्गयात्रा ऐप’ पर उपयोगकर्ताओं के स्वैच्छिक पंजीकरण को बढ़ावा भी देंगे और समय-समय पर उपयोग के आंकड़े एवं प्रतिक्रिया साझा करेंगे।
इस पहल के तहत सहभागी शासन प्रणाली के जरिए ‘जन भागीदारी – चालक-केन्द्रित रिपोर्टिंग’ को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें एक ऐसे चालक-केन्द्रित रिपोर्टिंग तंत्र का उपयोग किया जाएगा, जिसके अंतर्गत गड्ढे, क्षतिग्रस्त बैरियर, खराब स्ट्रीटलाइट एवं सड़क पर धुंधली मार्किंग जैसे राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित समस्याओं और सड़क के किनारे की अन्य असुरक्षित स्थितियों की जियो-टैग रिपोर्टिंग की जा सकेगी। इन रिपोर्टों को केन्द्रीकृत समाधान हेतु ‘राजमार्गयात्रा’ इकोसिस्टम के साथ जोड़ा जाएगा।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर आपातकालीन प्रतिक्रिया को और मजबूत बनाने हेतु, एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म अपने एप्लिकेशन में एक समर्पित ‘कॉल 1033’ की सुविधा को एकीकृत करेंगे। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन तक एक क्लिक में पहुंचा जा सकेगा। इस प्लेटफॉर्म के सहमति देने वाले उपयोगकर्ता तेजी से प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने और एम्बुलेंस भेजने की स्थिति एवं निकटतम अस्पताल की जानकारी प्राप्त करने हेतु भौगोलिक स्थान की जानकारी साझा कर सकेंगे।
इस समझौता ज्ञापन में राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा संबंधी जागरूकता वाले वीडियो के प्रसार के जरिए ड्राइविंग से जुड़े जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देने की परिकल्पना भी की गई है। इसमें गति सीमा से अधिक गति से गाड़ी चलाने से बचना, गलत दिशा में गाड़ी चलाने से बचना, लेन संबंधी अनुशासन बनाए रखना, असुरक्षित तरीके से रुकने या रिवर्स करने से बचना और आपात स्थिति में 1033 हेल्पलाइन का तुरंत उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना जैसे प्रमुख व्यवहार संबंधी पहलुओं को शामिल किया जाएगा। ये प्लेटफॉर्म इन-ऐप सहभागिता मॉड्यूल और जागरूकता संबंधी पहलों के जरिए इस कंटेंट का प्रसार करेंगे और समय-समय पर भागीदारी के आंकड़े साझा करेंगे।
इसके अलावा, वाणिज्यिक वाहन चालकों के बीच सुरक्षित एवं जिम्मेदार ड्राइविंग से जुड़ी कार्यप्रणालियों को प्रोत्साहित करने हेतु ‘विशिष्ट सारथी’ वाणिज्यिक चालक मान्यता पहल शुरू की गई है। इस कार्यक्रम के तहत, एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा संबंधी मानदंडों का अनुकरणीय अनुपालन करने वाले चालकों की पहचान करेंगे और उन्हें प्रमाण पत्र एवं डिजिटल बैज के जरिए सम्मानित करेंगे।
पारदर्शिता एवं सेवा मानकों को और बेहतर बनाने हेतु, एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म वाणिज्यिक चालकों से टोल प्लाजा के संचालन के बारे में व्यवस्थित प्रतिक्रिया हासिल करने में सक्षम बनाएंगे। इसमें प्रतीक्षा में लगा समय, शुल्क की सटीकता, लेन संबंधी दक्षता के साथ-साथ स्वच्छता संबंधी मानकों, मूल्य निर्धारण से जुड़ी पारदर्शिता और सेवा की गुणवत्ता को कवर करने वाली सड़क के किनारे की सुविधाएं शामिल होंगी।
वाणिज्यिक चालकों के लिए शिकायत निवारण को सरल बनाने हेतु, ये प्लेटफॉर्म फास्टैग से संबंधित चिंताओं की व्यवस्थित रिपोर्टिंग की सुविधा भी प्रदान करेंगे, जिनमें गलत टोल की कटौती, लेनदेन में देरी, विवाद और वाहन की जानकारी (केवाईवी) से संबंधित मुद्दे शामिल होंगे। रिपोर्ट किए गए मामलों को निर्धारित डिजिटल इंटरफेस के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा ताकि संबंधित हितधारकों के साथ समन्वित और समयबद्ध समीक्षा की जा सके।
यह समझौता ज्ञापन वैसे डिजिटल प्लेटफार्मों का लाभ उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो वाणिज्यिक वाहन चालकों को राष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षा को मजबूत करने, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों को बेहतर बनाने और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में अधिक पारदर्शिता एवं सेवा की गुणवत्ता को बढ़ावा देने की प्रक्रिया में भाग लेने में समर्थ बनायेंगे।
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