राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्नातकोत्तर स्तर के छात्रों के लिए चार सप्ताह तक चलने वाले शीतकालीन इंटर्नशिप-2024 शुरू की है। देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के विभिन्न शैक्षणिक विषयों के 80 विद्यार्थी इसमें भाग ले रहे हैं जिन्हें 1,000 से अधिक आवेदकों में से चुना गया है।
इंटर्नशिप का उद्घाटन करते हुए एनएचआरसी की कार्यवाहक अध्यक्ष विजया भारती सयानी ने प्रशिक्षुओं से भारत में मानवाधिकारों के भविष्य को आकार देने में अपनी भूमिका पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने उन्हें एक ऐसे समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया जिसमें अधिकारों और अवसरों तक सभी की समान पहुँच हो और कोई भी पीछे न छूटे। वैश्विक नेता बनने की दिशा में अग्रसर भारत के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल आर्थिक विकास के बारे में न होकर न्याय, समावेशिता और करुणा के सिद्धांतों को बनाए रखने के बारे में भी है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के महासचिव भरत लाल ने अपने संबोधन में इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम के लिए चुने गए प्रशिक्षुओं को बधाई दी और उन्हें इस अवसर का लाभ उठाने, सामाजिक समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने और करुणा के साथ उनका समाधान करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने प्रशिक्षुओं से भारत के संविधान में निहित समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व के मूल मूल्यों को आत्मसात करने और समाज में प्रत्येक व्यक्ति के मानवाधिकारों को बनाए रखने में सक्रिय रूप से योगदान देने का आग्रह किया।
एनएचआरसी के संयुक्त सचिव देवेन्द्र के. निम ने आयोग की कार्यप्रणाली और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने तथा उनकी रक्षा करने की दिशा में विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इंटर्नशिप के दौरान होने वाले संवादात्मक सत्रों और समूह शोध परियोजनाओं, पुस्तक समीक्षा आदि सहित विभिन्न अन्य गतिविधियों का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को मानवाधिकारों और उनसे जुड़ी चुनौतियों के बारे में व्यापक समझ प्रदान करना है ताकि वे उनका समाधान ढूंढ सकें और इस उद्देश्य के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को बढ़ावा दे सकें।
इस कार्यक्रम के दौरान छात्रों को न केवल विषय विशेषज्ञों द्वारा मानवाधिकारों के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया जाएगा बल्कि विभिन्न संस्थानों के कामकाज और जमीनी हकीकत को समझने के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी आवश्यकताओं के लिए फील्ड विजिट भी करवाई जाएगी। इंटर्नशिप पूरी करने वाले प्रशिक्षुओं को 12,000 रुपए की मासिक वृत्तिका भी दी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल वीरेंद्र सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
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