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NHRC ने जीटीबी अस्पताल के वार्ड के अंदर एक मरीज की गोली मारकर हत्या की घटना के बारे में मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया है कि 14 जुलाई, 2024 को दिल्ली के दिलशाद गार्डन में जीटीबी अस्पताल के वार्ड के अंदर हमलावरों द्वारा एक मरीज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 15 जुलाई 2024 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल के वार्डों में कोई भी बिना किसी रोक-टोक के प्रवेश कर सकता है। सुरक्षा गार्ड मरीजों की सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं देते हैं। सुरक्षा स्टाफ द्वारा अस्पताल के अंदर मरीजों से मिलने आने वालों की कभी जांच नहीं की जाती। दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में मेटल डिटेक्टर, बैग स्कैनर आदि उपकरणों की कोई व्यवस्था नहीं है।

आयोग ने पाया है कि मीडिया रिपोर्ट की सामग्री, यदि सही है, तो दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा की कमी के गंभीर मुद्दे उठाती है। जाहिर है, सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तत्काल जरूरत है। तदनुसार, आयोग ने सचिव, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय तथा मुख्य सचिव, राष्ट्री य राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के साथ-साथ पुलिस आयुक्त, दिल्ली को चार सप्ताह के भीतर मामले में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया है। उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे रिपोर्ट में अस्पतालों में सुरक्षा के मुद्दे के समाधान के लिए उठाए गए/उठाए जाने वाले प्रस्तामवित कदमों का विस्तार से उल्लेख करें।

नोटिस जारी करते हुए, आयोग ने आगे कहा है कि मरीजों के चिकित्सा उपचार के अलावा, उनकी सुरक्षा भी सरकारी अस्पतालों के प्रशासन द्वारा देखा जाने वाला एक महत्वपूर्ण पहलू है। सरकारी अस्पतालों की प्रशासक होने के नाते एजेंसियां यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य हैं कि अस्पतालों के अंदर हिंसा और उनके कारण मानव जीवन की हानि की ऐसी घटनाएं दोबारा घटित न हों।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के ज्यादातर अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद खराब है। आमतौर पर, अस्पताल के वार्डों में अवांछित आगंतुकों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने के लिए अस्पतालों द्वारा मरीजों के परिचारकों को विशेष परिचारक/आगंतुक कार्ड जारी किए जाते हैं, लेकिन दिल्लीच के अधिकांश सरकारी अस्पतालों में मरीजों के परिचारकों को आगंतुक कार्ड जारी करने की प्रणाली कार्यात्मक नहीं है। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, जीटीबी अस्पताल के अधिकारियों द्वारा परिचारकों को ऐसा कोई कार्ड जारी नहीं किया जा रहा है। ड्यूटी पर तैनात गार्ड बिना किसी पूछताछ के आगंतुकों को वार्ड के अंदर जाने की अनुमति देते हैं। राष्ट्रीय राजधानी के जीटीबी अस्पताल में हिंसा की यह हालिया घटना कोई अलग मामला नहीं है।

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