राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उस मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया है जिसमें 14 जुलाई, 2025 को राजस्थान के अजमेर जिले में एक बिजली घर के परिसर में सीवर का गड्ढा खोदते समय एक 50 वर्षीय मजदूर के मिट्टी के नीचे दब जाने की खबर थी। घटना के वक्त कथित तौर पर, पीड़ित अन्य मजदूरों के साथ 30 फीट गहरा कुआं खोद रहा था।
आयोग का कहना है कि यदि यह मीडिया रिपोर्ट सत्य है, तो यह पीड़ित के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। इसलिए, आयोग ने राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव और अजमेर के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट में मृतक के निकटतम संबंधी को प्रदान किए गए मुआवजे (यदि कोई हो) का भी उल्लेख होना अपेक्षित है।
15 जुलाई, 2025 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित लगभग 18 फीट नीचे था, तभी अचानक मिट्टी धंस गई और वह पूरी तरह से उसके नीचे दब गया। अन्य मजदूर किसी तरह बच निकलने में कामयाब रहे। पुलिस और नागरिक सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर लगभग 6 से 7 घंटे की मशक्कत के बाद पीड़ित को बाहर निकाला। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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