एन.आई.ए ने एक डॉक्टर समेत तीन लोगों के खिलाफ आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़े एक षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप पत्र दायर किया है। इस षड्यंत्र में सार्वजनिक स्थानों पर जैविक विष का इस्तेमाल करके सामूहिक नरसंहार करने की योजना थी। हैदराबाद के डॉ. सैयद अहमद मोहिउद्दीन और उत्तर प्रदेश के सह-आरोपी आजाद तथा मोहम्मद सुहेल को गुजरात के अहमदाबाद की विशेष एनआईए अदालत में पेश किया गया है। रिसिन अरंडी के बीजों से प्राप्त एक अत्यधिक विषैला पदार्थ है, जिसे रासायनिक हथियार की अनुसूची में वर्गीकृत किया गया है। यह मामला मूल रूप से गुजरात आतंक रोधी दस्ते द्वारा नवंबर 2025 में डॉ. मोहिउद्दीन की गिरफ्तारी के बाद दर्ज किया गया था।
भारत ने हरित ऊर्जा के निर्यातक के रूप में उभरने की दिशा में एक बड़ा…
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज केरलम के कोल्लम में मां अमृतानंदमयी जी के 73वें…
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने आज बेंगलुरु में आईआईटी मद्रास एलुमनाई मीट ‘संगम’ में…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के विजन के अनुरूप तथा सहकारिता के माध्यम…
वित्त मंत्रालय ने घोषणा की है कि ग्राहकों की सुविधा के लिए कल रविवार को…
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एआई की संभावनाओं का उपयोग करने के साथ-साथ इसके…