नीति आयोग ने सेंट्रल प्रभारी ऑफिसर (सीपीओ) पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल का उद्देश्य रियल-टाइम शासन को सुदृढ़ करना, हितधारकों के बीच तालमेल को बेहतर बनाना तथा आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम (एडीपी/एबीपी) के तहत अंतिम छोर तक सेवाएँ उपलब्ध कराने के कार्य में तेजी लाना है।
इस पोर्टल का औपचारिक शुभारंभ नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुश्री निधि छिब्बर ने एक वर्चुअल कार्यक्रम में किया, जिसमें केंद्र एवं राज्य सरकारों के अधिकारी, सेंट्रल प्रभारी ऑफिसर, योजना सचिव तथा जिला मजिस्ट्रेट उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य भाषण देते हुए उन्होंने कहा कि सीपीओ पोर्टल अत्यधिक -भरोसेमंद, पारदर्शी और उत्तरदायी शासन व्यवस्था के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह प्लेटफॉर्म जमीनी स्तर के अवलोकनों को वास्तविक समय में प्रस्तुत और ट्रैक करने में सक्षम बनाता है, ताकि जमीनी स्तर से प्राप्त हुई जानकारी का नीतिगत कार्रवाइयों और प्रशासनिक हस्तक्षेपों को सीधे तौर पर प्रभावित किया जाना सुनिश्चित हो सके।
अपर सचिव एवं मिशन निदेशक ,एडीपी/एबीपी, नीति आयोग श्री रोहित कुमार ने अपने संबोधन में डेटा-आधारित शासन के महत्व और जमीनी स्तर की जानकारी प्रदान करने में सेंट्रल प्रभारी ऑफिसरों (सीपीओ) की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सीपीओ पोर्टल को एक उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य वास्तविक समय में अवलोकनों को संकलित करना, संचार को सुगम बनाना तथा शासन के सभी स्तरों पर प्रशासनिक प्रतिक्रिया को अधिक तीव्र और प्रभावी बनाना है।
इस पोर्टल के माध्यम से सेंट्रल प्रभारी ऑफिसर जमीनी स्तर के अपने अवलोकनों और सुझावों को मोबाइल के जरिए वास्तविक समय में प्रस्तुत करेंगे। डेटा के जमा होते ही, वह लाइव हो जाता है, जिसके बाद जिले अपने सीपीओ द्वारा दिए गए सुझावों को देख सकते हैं, उन पर आवश्यक कार्रवाई कर सकते हैं और तदनुसार अपनी प्रतिक्रियाएँ भी दर्ज कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में, राज्य योजना सचिव विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए सुझावों के क्रियान्वयन की निगरानी करने और फीडबैक रिकॉर्ड करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही, नीति आयोग तथा संबंधित मंत्रालयों और विभागों के अधिकारी भी इन इनपुट्स की निगरानी कर सकेंगे। सीपीओ पोर्टल एक एकीकृत डिजिटल इंटरफेस के रूप में कार्य करता है, जो जमीनी स्तर के अवलोकनों और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच की दूरी को कम करता है। त्वरित दृश्यता, व्यवस्थित निगरानी और जवाबदेही को सक्षम बनाते हुए इस प्लेटफॉर्म द्वारा आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में कार्यान्वयन दक्षता और उत्तरदायित्व को उल्लेखनीय रूप से बेहतर बनाए जाने की संभावना है।
कार्यक्रम के दौरान पोर्टल की विशेषताओं और कार्यप्रणाली को दर्शाने वाली एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। नीति आयोग ने जानकारी दी कि सभी हितधारकों द्वारा इस प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
यह शुभारंभ प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग कर समावेशी विकास को बढ़ावा देने तथा यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक अन्य महत्वपूर्ण कदम है कि शासन व्यवस्था नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप गति बनाए रखे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि…
ओडिशा की बैतरानी नदी में बाढ़ से राज्य के उत्तरी क्षेत्र में जन-जीवन प्रभावित हो…
राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान आज से 15 सितम्बर तक आम जनता के लिए खुला…
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने विदेशी संपत्तियों से जुड़े छोटे करदाताओं के लिए विदेशी संपत्ति…
भारत के स्वतंत्रता दिवस के भव्य वैश्विक समारोह के अंतर्गत, हर घर तिरंगा 2026 की एक विशेष पहल ‘सूर्यपथ तिरंगा’ ने राष्ट्रीय ध्वज की भावना को पूरी दुनिया में पहुंचाया। यह पहल उगते सूर्य के पथ का अनुसरण करते हुए फिजी में भारतीय समयानुसार रात डेढ़ बजे से सैन फ्रांसिस्को में रात साढ़े आठ बजे भारतीय समयानुसार तक तक चली। इस अनूठे वैश्विक रिले ने विभिन्न देशों और महाद्वीपों में स्थित 54 मिशनों और पोस्टों को जोड़ा तथा सूर्य की गति को दुनिया भर में तिरंगे की प्रतीकात्मक यात्रा में परिवर्तित कर दिया। फिजी के सुवा में भारतीय समयानुसार रात डेढ़ बजे से शुरू होकर तिरंगा न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया गणराज्य, चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम,…
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने 15 अगस्त 2025 को,…