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रॉयल भूटान सेना के चीफ ऑपरेशन ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल बट्टू शेरिंग की भारत की आधिकारिक यात्रा संपन्न हुई

रॉयल भूटान सेना के चीफ ऑपरेशन ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल बट्टू शेरिंग की भारत की आधिकारिक यात्रा आज संपन्न हुई, जो भूटान तथा भारत के बीच रक्षा संबंधों को और सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनकी यह यात्रा 1 से 6 फरवरी, 2025 तक निर्धारित थी, जिससे द्विपक्षीय सैन्य सहयोग बढ़ा और विशेष रूप से प्रशिक्षण एवं क्षमता बढ़ोतरी में सहयोग के नए अवसरों की आधारशिला रखी गई।

लेफ्टिनेंट जनरल शेरिंग ने अपने भारत प्रवास के दौरान गया, नई दिल्ली और कोलकाता का दौरा किया। गया में उन्होंने ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी और कई बौद्ध स्थलों का भ्रमण किया। ये यात्राएं भूटान और भारत के बीच गहरे सैन्य एवं सांस्कृतिक संबंधों को प्रतिबिंबित करती हैं। ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में चर्चा भूटानी सैन्य प्रशिक्षण मॉड्यूल को बढ़ाने और दोनों सेनाओं के बीच अधिकारियों के आदान-प्रदान कार्यक्रमों के दायरे का विस्तार करने पर केंद्रित थी।

नई दिल्ली में जनरल शेरिंग ने राष्ट्रीय समर स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें साउथ ब्लॉक में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जनरल शेरिंग ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, आर्मी चीफ और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, रक्षा सचिव तथा विदेश सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की। इन उच्च-स्तरीय बैठकों के परिणामस्वरूप रॉयल भूटान सेना के आधुनिकीकरण के प्रयासों में भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई, जिसमें रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण और सैन्य सहायता में वृद्धि शामिल है। नेशनल सिक्योरिटी सुरक्षा गार्ड, मानेसर के भ्रमण के दौरान दोनों पक्षों ने विशेष अभियानों में संयुक्त प्रशिक्षण और त्वरित प्रतिक्रिया रणनीतियों पर ज्ञान साझा करने सहित अन्य सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की।

भूटान रवाना होने से पहले लेफ्टिनेंट जनरल शेरिंग ने कोलकाता का भी दौरा किया, जहां उन्होंने विजय स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और भारतीय सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय का भ्रमण किया। उन्होंने पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ से मुलाकात की और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की। जनरल शेरिंग ने प्रशिक्षण और आपदा राहत कार्यों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की – जो दोनों देशों के बीच साझा हितों का एक प्रमुख क्षेत्र है।

लेफ्टिनेंट जनरल शेरिंग की यात्रा ने कई प्रमुख रक्षा सहयोग को विस्तार दिया है, जिनमें भारतीय रक्षा संस्थानों में भूटानी अधिकारियों की अधिक भागीदारी और शांति अभियानों पर ध्यान केंद्रित करने की संभावना शामिल है। यह यात्रा भूटान तथा भारत के बीच दीर्घकालिक रक्षा संबंधों को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई। इससे सैन्य भागीदारी में और अधिक मजबूत तथा भविष्य के लिए तैयार साझेदारी का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

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