प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की वार्ता के बाद ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ स्थापित करने की घोषणा की गई। दोनों देशों ने कल रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज सहित प्रमुख क्षेत्रों में 21 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह साझेदारी पारंपरिक कूटनीति से आगे बढ़कर “लोगों की साझेदारी” बन गई है।
फ्रांस भारत के सबसे पुराने स्ट्रैटेजिक पार्टनर्स में से एक है और प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर हमने इस स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को अभूतपूर्व गहराई और ऊर्जा दी है। इस विश्वास और साझा विजन के आधार पर आज हम अपने संबंधों को स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के रूप में स्थापित कर रहे हैं। यह पार्टनरशिप केवल स्ट्रैटेजिकं नहीं है। आज के उथल–पुथल से भरे युग में यह ग्लोबल स्टेबिलिटी और ग्लोबल प्रोग्रेस की पार्टनरशिप है।
वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 52वें जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। फ्रांस इस वर्ष सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है।
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