11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) में एक महीने से भी कम समय रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात के 122वें एपिसोड में विश्व भर के नागरिकों से समग्र स्वास्थ्य और जोशपूर्ण जीवन के लिए योग को अपनाने की प्रेरक अपील की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस के प्रति उत्साह लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “21 जून 2015 को ‘योग दिवस’ की शुरुआत के बाद से ही इसके प्रति आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। इस बार भी योग दिवस को लेकर विश्व भर के लोगों में जोश और उत्साह साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से इस अवसर को रोचक तरीके से मनाने का सोचने का आग्रह किया। योग श्रृंखला बनाने से लेकर प्रतिष्ठित स्थलों पर योग का अभ्यास करने तक, लोग अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को एक गतिशील और समावेशी आंदोलन बना रहे हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश के प्रयासों की सराहना की, जहाँ योग आंध्र अभियान की शुरुआत की गई है जिसका उद्देश्य राज्य में योग संस्कृति विकसित करना है। इस अभियान का उद्देश्य 10 लाख नियमित योग अभ्यासकर्ताओं का एक समूह बनाना है। यह दर्शाता है कि कैसे राज्य स्वास्थ्य क्रांति में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने व्यक्तिगत और राष्ट्रीय विकास दोनों में योग के महत्व पर जोर देते हुए विशाखापत्तनम में इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में शामिल होने के बारे में अपनी उत्सुकता भी साझा की।
योग में बढ़ती कॉरपोरेट भागीदारी की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि, “हमारे कॉरपोरेट भी इसमें पीछे नहीं हैं। कुछ संस्थानों ने अपने कार्यालयों में योग अभ्यास के लिए अलग से स्थान निर्धारित किया है। कुछ स्टार्ट-अप ने ‘कार्यालय में योग का समय’ तय किया है।” उन्होंने कहा कि यह सकारात्मक संकेत है कि निजी क्षेत्र किस तरह देश के स्वास्थ्य आंदोलन में योगदान दे रहा है।
योग दिवस समारोह के एक दशक पूरे होने और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 11वें संस्करण के उपलक्ष्य में आयुष मंत्रालय ने 10 महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इन पहलों का उद्देश्य विविध सामाजिक और व्यावसायिक परिवेशों में योग की पहुंच और प्रासंगिकता को व्यापक बनाना है।
इनमें से, योग संगम में पहले से ही 6,000 से अधिक संगठनों ने कार्यक्रमों की मेजबानी के लिए पंजीकरण कराया है। इससे यह देश के इतिहास में सबसे बड़े समुदाय-संचालित कल्याण कार्यक्रमों में से एक बन गया है। युवा-केंद्रित योग अनप्लग्ड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसमें अग्रणी संस्थान अगली पीढ़ी के अभ्यासकर्ताओं को प्रेरित करने के लिए आगे आ रहे हैं। इस बीच, समयोग – एक अभूतपूर्व पहल – आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, सिद्ध, प्राकृतिक चिकित्सा और सोवा रिग्पा सहित मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों में साक्ष्य-आधारित योग को एक करने का प्रयास करती है।
जैसा कि नरेन्द्र मोदी ने कहा, “योग आपके जीवन जीने के तरीके को बदल देगा।” नागरिकों, कॉरपोरेट्स, संस्थानों और युवाओं से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 को सार्थक और नए तरीकों से मनाने का आह्वान किया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि योग दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन जाए।
आयुष मंत्रालय सभी को इस परिवर्तनकारी समारोह का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करता है। 21 जून की उल्टी गिनती जारी है, संदेश स्पष्ट है: योग केवल एक अभ्यास नहीं है – यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य, आंतरिक शांति और वैश्विक कल्याण के लिए एक आंदोलन है।
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