प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि 2020 के बोडो शांति समझौते के बाद असम के बोडोलैंड में विकास की नई लहर दिखाई दे रही है। प्रधानमंत्री ने कल शाम नई दिल्ली में बोडोलैंड महोत्सव का उद्घाटन करते हुए कहा कि शांति समझौते के कारण केवल असम में दस हजार से अधिक युवाओं ने हथियार और हिंसा छोड दी हैं। ये युवा समाज की मुख्यधारा में शामिल हो गये हैं। उन्होंने नक्सलवाद के पथ पर चल रहे लोगों से बोडोलैंड के लोगों से कुछ सीखने को कहा।
युवाओं और महिलाओं के विकास के लिए कौशल विकास की आवश्यकता तथा अवसरों की उपलब्धतता पर जोर देते हुए श्री मोदी ने सीड मिशन का उल्लेख किया, जो कौशल, उद्यमिता, रोजगार और विकास को बढ़ावा देता है। उन्होंने भरोसा जताया कि बोडो युवा इसका काफी लाभ उठा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एन.डी.ए. सरकार जोश से भरपूर बोडो समुदाय की प्रगति और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्र और असम की सरकार बोडो टेरिटोरियल रीजन में बोडो समुदाय की जरूरतों और उसकी आकांक्षाओं को प्राथमिकता दे रही है। बोडोलैंड के विकास के लिए केंद्र सरकार ने 15 सौ करोड रुपए का विशेष पैकेज दिया है। असम सरकार ने भी स्पेशल डेवलपमेंट पैकेज दिया है। बोडोलैंड में शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए सात सौ करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार पूर्वोत्तर में निरन्तर स्थायी शांति और सीमा विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रयासरत है। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने वर्चुअल रूप से भाग लिया।
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