राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संसद के शीतकालीन सत्र में पारित सतत परमाणु ऊर्जा उपयोग और विकास, भारत रूपांतरण विधेयक, 2025 – शांति विधेयक को स्वीकृति दे दी है। राष्ट्रपति ने कल इस विधेयक को मंज़ूरी दी।
इस विधेयक में नागरिक परमाणु क्षेत्र से जुड़े सभी कानूनों को समाहित किया गया है। साथ ही इस क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी का भी प्रावधान किया गया है। विधेयक के तहत परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 और नागरिक परमाणु क्षति दायित्व अधिनियम, 2010 को निरस्त कर दिया गया है, जिन्हें भारत में नागरिक परमाणु क्षेत्र के विकास में बाधक माना जा रहा था।
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