राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संसद के शीतकालीन सत्र में पारित सतत परमाणु ऊर्जा उपयोग और विकास, भारत रूपांतरण विधेयक, 2025 – शांति विधेयक को स्वीकृति दे दी है। राष्ट्रपति ने कल इस विधेयक को मंज़ूरी दी।
इस विधेयक में नागरिक परमाणु क्षेत्र से जुड़े सभी कानूनों को समाहित किया गया है। साथ ही इस क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी का भी प्रावधान किया गया है। विधेयक के तहत परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 और नागरिक परमाणु क्षति दायित्व अधिनियम, 2010 को निरस्त कर दिया गया है, जिन्हें भारत में नागरिक परमाणु क्षेत्र के विकास में बाधक माना जा रहा था।
देश में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते…
ईरान ने संघर्ष विराम के लिए अमरीका को 14-सूत्री प्रस्ताव सौंपा है। इसमें लेबनान सहित…
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच, ओपेक-प्लस समूह के सात देश जून में तेल…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मिशन दृष्टि के सफल प्रक्षेपण पर गैलेक्सआई के संस्थापकों और पूरी…
स्नातक चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-नीट यूजी आज आयोजित…
पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरलम और पुद्दुचेरी विधानसभा चुनाव की मतगणना कल सुबह 8 बजे…